10 Line Raksha Bandhan- रक्षाबंधन पर निबंध

10 Line Raksha Bandhan – रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम व स्नेह का त्यौहार हैं जोकि हिंदुओ के प्रमुख त्योहारों में से एक हैं जिसे पूरे भारत मे बहुत ही उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता हैं जिसमें बहन-भाई के हाथ पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र की प्राथना करती हैं।

अक़्सर हमें स्कूलों व कॉलेजों में निबंध व भाषण लिखने के लिए दिए जाते है इसलिए आज हम आपको रक्षाबंधन पर 10 लाइन में छोटे निबंध प्रदान करें रहे हैं उम्मीद है आपको हमारे द्वारा लिखे गए निबंध पसंद आयगे।

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औऱ आप भी हमें रक्षाबंधन- Raksha Bandhan पर 10 लाइन निबंध लिखकर भेज सकते हैं जोकि यूनिक व ओरिजनल होना चाहिए जिसकों हमारी वेबसाइट के माध्यम से हजारों लोग पढ़ेगें इसके लिए हमारे इस फेसबुक पेज पर मैसज करें।

10 Line Raksha Bandhan Short Essay Hindi- पहला

1. रक्षाबंधन का पर्व भाई बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक है।

2. यह पर्व प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है।

3. इस दिन बहने अपने भाईयों को रोली और चावल से तिलक करती है और फिर भाई के दाहिने हाथ में रक्षा सूत्र बांधती है।

4. इसके बाद बहने भाई को मिठाई खिलाती है और भाई बहन को उपहार देते है।

5. इस दिन बहन और भाई सुबह से उपवास रखते है और राखी बांधने के बाद ही भोजन करते है।

6. भाईयों के अलावा बेटियाँ भी पिता को राखी बांधती है और इसी तरह भान्जियां, भतीजियां भी चाचा, ताऊ आदि किसी भी घर के बड़े को राखी बांध सकती है।

7. इस दिन घरों में हलवा, खीर आदि मीठे व्यंजन अवश्य बनाए जाते है तथा घेवर, मीठी मठरी और शक्कर पारे उत्तर भारत में खासतौर से इस त्यौहार के साथ जुड़े हुए है।

8. इस दिन सबसे पहले अपने इष्ट को राखी बांधनी चाहिएं और फिर घर के द्वार पर भी राखी बांधने की परम्परा है।

9. इसके बाद ही भाई बंधुओं को राखी बांधने की रस्म निभाई जाती है।

10. रक्षा बंधन और भाई दूज जैसे त्यौहार भाई बहन के रिश्तें की डोर को हर साल और अधिक मज़बूत कर देते है।


10 Line Raksha Bandhan Short Essay Hindi- दूसरा

1. रक्षाबंधन हिंदुओं का पवित्र त्यौहार है यह श्रावण की पूर्णिमा को पूरे भारत में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

2. इस दिन बहने अपने भाईयों की कलाई सुंदर राखियों से सजाती है।

3. बाजारों में कई दिनो पहले से ही सुंदर-सुंदर राखियों की छबीले लगने लगती है।

4. इस दिन विवाहिता बहने अपने भाईयों के घर उनको राखी बाँधने ज़रुर आती है।

5. जिन बहनो के भाई बहुत दूर रहते है और उनका जाना सम्भव नही हो पाता तो डाक से ही सही पर राखी ज़रुर अपने भाई तक पहुँचाती है ताकि राखी के दिन भाई की कलाई सूनी न रहे।

6. बहने भाई को रोली और अक्षत से तिलक करती है और कुछ चावल उनके सिर पर छिड़कती है तथा आरती उतारती है।

7. इस दिन स्कूलो, कॉलेजो में अवकाश होता है और बहुत से स्कूलों में एक दिन पहले राखी का त्यौहार मनाया जाता है।

8. इस दिन बहुत सी महिलाएं देश के सैनिको को भी राखी बाँधती है क्योँकि वह पूरे देश के सबसे बड़े रक्षक के रूप में हमेशा सीमा पर तैनात रहते है।

9. इस दिन राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री निवास पर भी बहुत सी बालिकाएं और महिलाएं राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को राखी बांधती है।

10. सरकार की ओर से भी इस दिन महिलाओं को बस और मेट्रों में मुफ्त यात्रा का उपहार दिया जाता है।


10 Line Raksha Bandhan Short Essay Hindi- तीसरा

1.  रक्षाबंधन का त्यौहार प्राचीन काल से हमारे देश में मनाया जाता रहा है।

2. पौराणिक कथाओं के अनुसार देवासुर संग्राम में देव असुरों से हारने लगे थे तब इन्द्र की पत्नी इन्द्राणी ने एक रक्षासूत्र मन्त्रोच्चारण करके इन्द्र के हाथ में बाँधा और फिर देवराज इन्द्र ने असुरों पर विजय प्राप्त की।

3. इस घटना से पता चलता है कि पहले रक्षाबंधन केवल भाई बहन के बीच का त्यौहार नही था बल्कि कोई भी परिजन किसी के हाथ में रक्षा हेतु रक्षा सूत्र बांध सकता था।

4. प्राचीन काल में रक्षासूत्र अधिकतर पुरोहित, ब्राहमण आदि ही अपने यजमानो को बांधते थे तथा बहुत से लोग अब भी ब्राहमणो से रक्षासूत्र बंधवाते है।

5. कालांतर में यह केवल भाई बहन का त्यौहार बन गया लेकिन पिता, चाचा, ताऊ आदि बड़ो को घर परिवार में अब भी बालिकाएं राखी बाँधती है।

6. जब बहने भाई की रक्षा के लिए रक्षा सूत्र बाँधती है तो भाई भी जीवन भर उनकी रक्षा का वचन देते है।

7. इस दिन भाई बहनो को वस्त्र, आभूषण, रूपये आदि भेंट में देते है।

8. जिनके भाई विवाहित होते है वह बहने भाभियों को भी राखी बांधती है क्योंकि भाभी भाई की अर्धान्गिनी होती है इसलिए भाभी को भी भाई जैसा ही सम्मान दिया जाता है।

9. उत्तर भारत में इस दिन घरों में मुख्य द्वार पर चावल के आटे से राधा कृष्ण और सीता राम लिखा जाता है और फिर द्वार पर उनके नाम का रक्षा सूत्र बाँधा जाता है।

10. वास्तव में रक्षा बंधन और भाई दूज जैसे त्यौहारो का मूल कारण यही है कि विवाहित बहन-बेटियाँ अपने दूर रहने वाले परिजनो से मिल सकें और रिश्तों की मिठास बनी रहे।


10 Line Raksha Bandhan Short Essay Hindi- चौथा

1. रक्षाबंधन का पर्व भारत, नेपाल तथा सभी हिन्दू बहुसंख्यक स्थानों पर अलग-अलग रूप-रंग में मनाया जाता है यद्यपि सभी स्थानों पर यह मुख्यत:  बहन द्वारा भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने का ही पर्व है।

2. महाराष्ट्र में इसे श्रावणी और नारियल पूर्णिमा कहते है तथा इस दिन लोग समुद्र में नारियल चढ़ाते है।

3. दक्षिण भारत में इसे अबित्तम कहा जाता है और इस दिन वहां के जनेऊ धारी लोग पुराना जनेऊ उतार कर नया जनेऊ धारण करते है।

4. गुजरात में इसे पवित्रोपन्ना नाम से मनाया जाता है और  सर्वप्रथम शिवलिंग की पूजा की जाती है।

5. उत्तर प्रदेश और उत्तरांचल में इसे श्रावणी या सलूनो कहते है यहाँ भी लोग इस दिन ब्राहमणो को जनेऊ और दक्षिणा देते है और ब्राहमण यजमानो के हाथ में रक्षासूत्र बांधते है।

6. बिहार और मध्य प्रदेश में इसे कजरी पूर्णिमा कहते है तथा वहां यह खेती की नई ऋतु का त्यौहार भी है।

7. पश्चिम बंगाल में इसे झूलन पूर्णिमा के रूप में पाँच दिन  मनाया जाता है यहाँ एकादशी से पूर्णिमा तक पाँच दिन तक राधा कृष्ण की मूर्ति को झूला झुलाया जाता है।

8.  कुमायू में इसे जनोपुन्यू कहते है जिसका मतलब जनेऊ पूर्णिमा है यहाँ भी जनेऊ बदलने का रिवाज़ है।

9. उड़ीसा में इसे गम्हा पूर्णिमा कहते है और इस दिन वहां गाये बैलों को सजा कर उनकी पूजा की जाती है।

10. ब्रज में हरियाली तीज से रक्षाबंधन तक उत्सव मनाया जाता है वहां सभी मन्दिरों में तीज से राखी तक बाल गोपाल को झूला झुलाया जाता है।


10 Line Raksha Bandhan Short Essay Hindi- पांचवा

1. हमारे देश में रक्षा बंधन पुरातन काल से मनाया जाता रहा है इससे जुड़ी हुई कुछ पौराणिक कथायें भी है।

2. एक पौराणिक कथा के अनुसार एक बार देवताओं और असुरों के युद्ध में देवता हारने लगे थे तब बृहस्पति के कहने पर  देवराज इन्द्र की कलाई पर इन्द्राणी ने रक्षासूत्र बाँधा था और फिर जब इन्द्र दुबारा युद्ध में गए तो इस बार वह हारे हुए युद्ध को पुन: जीत गए।

3. तभी से युद्ध पर जाने वाले पुरुषों की कलाई पर महिलाओं द्वारा रक्षा सूत्र बाँधा जाने लगा था। वह माँ बहन बेटी पत्नी कोई भी हो सकती थी परन्तु समय के साथ यह एक पर्व के रूप में मनाया जाने लगा और रक्षा सूत्र केवल बहने ही भाई को बांधनें लगी।

4. महाभारत की कथा के अनुसार श्री कृष्ण ने अपने चक्र से जब शिशुपाल का वध किया था तो उनकी अंगुली चक्र से घायल हो गई और रक्त बहने लगा तब द्रौपदी ने अपने पल्लू का एक टुकड़ा फाड़ कर कृष्ण की अंगुली में बांध दिया था।

5. तब कृष्ण ने भी जीवन भर द्रौपदी की रक्षा का वचन दिया था इस दिन भी श्रावण की पूर्णिमा थी और तभी से रक्षा बंधन का प्रचलन शुरु हुआ।

6. द्रौपदी के चीरहरण के समय कृष्ण की कृपा से द्रौपदी का चीर अनंत हो गया और इस तरह कृष्ण ने अपना वचन निभाया इसलिए बहुत से घरों में रक्षाबंधन की पहली राखी कृष्ण भगवान को ही बाँधी जाती है।

7. यह दिन जैन धर्म के अनुयायियों के लिये भी महत्वपूर्ण है जैन मतानुसार श्रुत सागर नामक मुनि और उनके 700 शिष्यों को विष्णु कुमार ने राजा पद्मराज और उसके मंत्रियों के चंगुल से निकाल कर उनकी जान बचाई और उस दिन भी श्रावण की पूर्णिमा थी इसलिए यह जैन धर्म का भी मुख्य पर्व है।

8. इस दिन जैन धर्म के अनुयायी हाथ में सूत का धागा बांधते है तथा विष्णू कुमार की पूजा और कथा करते है।

9. इस दिन गुरु शिष्य को शिष्य गुरु को भी राखी बांधते है तथा गुरु शिष्य को आशीर्वाद देते है और शिष्य उन्हें वचन देते है कि वह गुरु की दी हुई शिक्षा का सदुपयोग करेंगे।

10. बहुत से लोग अब पेड़ों को भी राखी बांधने लगे है क्योकि पेड़ हमारे जीवन रक्षक है इसलिए पेड़ो की रक्षा भी हमारा कर्तव्य है।

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तो दोस्तों हमने आपको Raksha Bandhan पर 10 लाइन निबंध अलग-अलग प्रकार के लिखे हैं अगर आपको हमारे यह निबंध पसंद आते हैं तो आप अपनी आवश्यकता के अनुसार स्कूलों में इनका इस्तेमाल कर सकते हैं और साथ ही आपको भी इसके बारे में लोगों को अवगत करना चाहिए।

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