Global Warming- ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध कारण व प्रभाव

Global Warming भारत की ही नही बल्की पूरे विश्व की सबसे बड़ी और चुनौतीपूर्ण समस्या हैं जो समय के साथ-साथ धीरे-धीरे बहुत गम्भीर होती जा रही हैं परंतु फिर भी आम आदमी से लेकर शिक्षित वर्ग तक सभी इस समस्या से अनजान हैं जोकि एक दिन हमारे जीवन पृथ्वी के लिए खतरनाक हैं।

जी, हाँ ग्लोबल वार्मिंग का संकट पूरी दुनिया पर मंडरा रहा हैं औऱ यह धीरे-धीरे भयानक होता जा रहा है जिसका सबसे प्रमुख कारण ख़ुद मनुष्य हैं जो प्राकृतिक में अपने आवश्यकतओं अनुसार फेरबदल करता रहा हैं जिसे पृथ्वी का संतुलन बिगड़ रहा है।

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इसलिए आज हम आपको Global Warming की जानकारी प्रदान करने वाले है औऱ साथ ही Global Warming-ग्लोबल वार्मिंग पर छोटा, मीडियम औऱ लंबा हर तरह की लम्बाई के निबंध प्रदान करने वाले हैं उम्मीद है आपको हमारे द्वारा लिखे गए निबंध पसंद आयगे सबसे पहले कुछ जरूरी चीजें जान लेते है।

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Global Warming- ग्लोबल वार्मिंग क्या हैं

Global Warming-ग्लोबल वार्मिंग का अर्थ है पृथ्वी का लगातार गर्म होते जाना या पृथ्वी का तापमान बढ़ते रहना। ग्लोबल वार्मिंग को वैश्विक तापमान भी कहते हैं। ग्लोबल वार्मिंग के कारण मौसम में भी लगातार परिवर्तन हो रहे हैं। इस परिवर्तन को देखते हुए वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है की आने वाले दिनों में सूखा बढ़ेगा, बाढ़ की घटनाएं बढ़ेगी और मौसम पूरी तरह बदलता हुआ नजर आएगा।

आजकल Global Warming पूरे विश्व के लिए एक चिंता का विषय बन चुका है औऱ इतना बड़ा चिंता का विषय होने के बाद भी लोग यह सोचते हैं कि ग्लोबल वार्मिंग से इस संसार को कोई खतरा नहीं है परंतु अगर चिंताजनक रूप से देखें तो यह खतरा तृतीय विश्व युद्ध या फ़िर किसी एसटेराइट के पृथ्वी से टकराने से भी बड़ा हो सकता है।

ग्लोबल वार्मिंग कैसे और क्यों होती है-

Global Warming एक गंभीर समस्या बन चुकी है जिस पर ध्यान देना अति आवश्यक हो चुका है। ग्लोबल वार्मिंग का कारण कोई एक नहीं है बल्की इसके कई कारण है जिसमें से कुछ प्राकृतिक हैं तो कुछ मानव द्वारा निर्मित होते हैं।

ग्लोबल वार्मिंग के दो मुख्य कारण ज्वालामुखी विस्फोट औऱ ग्रीनहाउस गैस की रिहाई है औऱ ऑटोमोबाइल व जीवाश्म ईंधन के अत्यधिक उपयोग से कार्बन डाई बॉक्साइट का स्तर बढ़ जाता है जोकि ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ावा देता है साथ ही वनों की कटाई भी ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ावा देती है।

धरती सूर्य की किरणों से उष्मा प्राप्त करती हैं और ये किरणें वायुमंडल से गुजरती हुई धरती की सतह से टकराती है और फिर वही से परावर्तित होकर पुनः लौट जाती है वायुमंडल कई गैसों से मिलकर बना है जिसमें कुछ ग्रीनहाउस गैस भी शामिल है।

ये गैसें धरती के ऊपर एक प्रकार का प्राकृतिक आवरण बना लेती है यह आवरण धरती पर आने वाली गर्म किरणों को रोकता है और धरती के वातावरण को संतुलित करता है ग्रीन हाउस गैसों में बढ़ोतरी के कारण आवरण मोटा होता जा रहा है और यह आवरण सूर्य की अधिक किरणों को रोकने लगता है और ग्लोबल वार्मिंग का रूप लेता है।

ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव

Global Warming मानव जीवन को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित नहीं करती लेकिन ग्लोबल वार्मिंग पर्यावरण को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है जिसके कारण बेमौसम बारिश ,बेमौसम बर्फ बारी, सूखा आदि घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं जो कहीं ना कहीं धरती पर जीवन को प्रभावित करती हैं। चाहे वह मानव हो ,जीव जंतु हो, पेड़ पौधे व वनस्पतियाँ हो, पर्यावरण में होने वाले परिवर्तन इन सब के जीवन को ग्लोबल वार्मिंग प्रभावित करती हैं।

अधिक मात्रा में जहरीली गैसों के उत्सर्जन के कारण ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है और मानव को अलग-अलग बीमारियों से ग्रस्त कर रही है अगर धरती पर जीवन का अस्तित्व बनाए रखना है तो ग्लोबल वार्मिंग को रोकना अति आवश्यक है।

Global Warming-ग्लोबल वार्मिंग के दुष्प्रभाव से कोई देश बच नहीं पाया है इसी दुष्प्रभाव के कारण ऋतु परिवर्तन चक्र भी आजकल अनिश्चित हो गया है औऱ अनाज व फल के उत्पादन में होने वाली कमी का कारण भी ग्लोबल वार्मिंग ही है।


ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध
Global Warming Essay Hindi Word 250

ग्लोबल वार्मिंग पूरे विश्व में आज एक प्रमुख मुद्दा है क्योंकि सूरज की गर्मी वायुमंडल में हो रही लगातार कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर में वृद्धि से हमारी पृथ्वी लगातार गर्म होती जा रही है।

और कहीं ना कहीं अप्रत्यक्ष रूप से यह मानव जीवन को जीने में समस्याएं पैदा कर रही है औऱ अन्य मुद्दों की तरह इस समय इस मुद्दे को लोगों के सामने विस्तार में लाकर लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है।

ग्लोबल वार्मिंग से होने वाली समस्याएं-

1. आने वाले वर्षों में पृथ्वी का तापमान अपनी चरम सीमा पर पहुंच जाएगा जोकि मानव को पृथ्वी पर रहने में समस्या पैदा करेगा।

2. पृथ्वी पर कार्बन डाइऑक्साइड गैस और हानिकारक गैसों की बढ़ोतरी हो रही है।

3. नई से नई बीमारियां उत्पन्न हो रही है तथा अगर इसमें ऐसे ही बढ़ोतरी होती वही तो यह बीमारियां और बढ़ेगी

4. समुद्र का स्तर गरम और ऊंचा होता चला जा रहा है।

5. तेज तूफानों को बढ़ावा मिल रहा है।

6. पृथ्वी से विभिन्न जीव जंतु विलुप्त हो रहे हैं।

7. ग्लेशियर पिघलते चले जा रहे हैं।

8. मृत्यु दर बढ़ रही है।

अतः मनुष्य को सिर्फ अपने लिए और अपनी सुख सुविधाओं का सोचना छोड़कर पर्यावरण का भी सोचना चाहिए इसलिए कार्बन डाइऑक्साइड का उत्पादन बंद कर देना चाहिए, पौधों को काटना रोकना चाहिए, हानिकारक गैसों का उपयोग रोकना चाहिए, बिजली का उपयोग कम करना चाहिए क्योंकि छोटे-छोटे प्रयास ही इस विश्व स्तरीय चुनौती का सामना कर सकते हैं कुछ पंक्तियां लोगों में उत्साह लाने के लिए-

पेड़ लगाओ पेड़ लगाओ ,
हरा भरा जीवन बनाओ।
जीवनदान ये हमको देते हैं ,
फिर क्यों हम इनको ही मार देते हैं।


ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध
Global Warming Essay Hindi Word 500

Global Warming जैसे कि नाम से ही पता लग रहा है कि धरती के वातावरण के तापमान में जो बढ़ाव हो रहा है उसे ही ग्लोबल वार्मिंग कहते हैं इस ग्लोबल वार्मिंग का मुख्य कारण ग्रीन हाउस गैसों का लगातार बदलाव होना है या आसान शब्दों में कहें तो ग्लोबल वार्मिंग का अर्थ पृथ्वी का लगातार गर्म होना है।

ग्लोबल वार्मिंग इस समय दुनिया का सबसे अधिक चिंता का विषय होना चाहिए परंतु अधिकतर लोग इसे कोई टेक्निकल शब्द समझ कर इसकी गहराई को समझना ही नहीं चाहते और लोग इसे वैज्ञानिकों द्वारा सुझाए जाने वाली समस्या समझ कर छोड़ देते हैं परंतु यह नहीं समझते कि यह समस्या सबकी एकजुट होकर हल करने से ही सुलझ सकती है।

क्योंकि जब पृथ्वी के तापमान में वृद्धि होनी शुरू हुई तो उसमें प्राकृतिक कारणों का योगदान था लेकिन आज के युग में मानव गतिविधियाँ इसको बढ़ावा देती चली जा रही हैं।

ग्लोबल वार्मिंग क्यों होती है-

प्राकृतिक कारण और मानवीय कारण दोनों मिलकर ही ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ावा दे रहे हैं ग्लोबल वार्मिंग क्यों होती है इसके कुछ कारण इस प्रकार हैं

1. जीवाश्म ईंधन का जलना, कोयला या कच्चा तेल, इनका धुआ पर्यावरण को प्रदूषित करता है।

2. परिवहन जो आजकल मनुष्य की आवश्यकताओं में सबसे पहले आता है इसके द्वारा होने वाला प्रदूषण Global Warming को बढ़ावा देते है।

3. औद्योगिकरण को बढ़ावा देना अपने आप ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ावा देना है।

4. लगातार हो रहे ग्रीन हाउस गैसों के प्रतिशत में परिवर्तन सीधे रुप से ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाने का काम कर रहा है।

ग्लोबल वार्मिंग के दुष्प्रभाव-

1. लगातार हो रही तापमान वृद्धि से वैज्ञानिकों ने यह शोध निकाला है कि आने वाले 10000 साल में पृथ्वी इतनी गरम हो जाएगी कि इस पर जीवन संभव नहीं होगा।

2. आज वैश्विक तापमान में वृद्धि के कारण समुद्र का पानी भी बढ़ रहा है।

3. दुनिया में विभिन्न क्षेत्रों में होने वाली विभिन्न फसलों के उत्पादन में गिरावट आ रही है।

4. कितने ही जीव जंतु ,पशु पक्षियों की प्रजातियां विलुप्त होती जा रही हैं।

5. विभिन्न बीमारियां जैसे मलेरिया, डेंगू और आजकल कोरोना वायरस जैसी जानलेवा बीमारियां बढ़ती जा रही हैं।

ग्लोबल वार्मिंग को रोकना अति आवश्यक –

1. सबसे पहले पेड़ पौधे लगाना शरू करें यह सबसे आसान तरीका है ग्लोबल वार्मिंग के प्रकोप से अपने ग्रह को बचाने के लिए।

2. ऑर्गेनिक खाद पदार्थों के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए।

3. आम बल्ब का इस्तेमाल ना करके सीएफएल का प्रयोग करें।

4. हमें पूरी कोशिश करनी चाहिए वाहनों का उपयोग कम से कम करें ताकि पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचा पाए।

कोशिश कर लो आज तुम ,
भविष्य में सुखी रह पाओगे।
जो आज न की थोड़ी कोशिश,
बाद में जरूर पछताओगे।

निष्कर्ष-

अतः Global Warming-ग्लोबल वार्मिंग को कम करने तथा धीरे-धीरे खत्म करने के लिए मानव का आगे बढ़ कर आना अति आवश्यक है नहीं तो बाद में पछताने को भी हाथ में कुछ नहीं होगा और अंत में यह प्रदूषण इतना बढ़ जाएगा कि पृथ्वी पर सांस लेना भी असंभव सा हो जाएगा।

कोशिश थोड़ी अपने लिए व थोड़ी अपनों के लिए जरूरी है
क्या कहोगे आने वाली दूसरी पीढ़ी को,
जब वह पूछेगी की सुख-सुविधा ज्यादा जरूरी है।
या हम ज्यादा जरूरी है।


ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध
Global Warming Essay Hindi Word 700

Global Warming-ग्लोबल वार्मिंग आजकल एक जाना पहचाना शब्द बन चुका है सिर्फ जाने पहचानने शब्द होने से कुछ नहीं होता इसकी गंभीरता को समझना बहुत जरूरी है क्योंकि ग्लोबल वार्मिंग हमारे जीवन प्रकृति को बहुत नुकसान पहुंचा रही है जिसके फलस्वरूप यह संसार प्राकृतिक आपदाओं का सामना करता रहता है ,जैसे- सुनामी, भूकंप, अतिवृष्टि, भीषण गर्मी आदि।

ग्लोबल वार्मिंग को भूमंडलीय तापमान वृद्धि के नाम से भी जाना जाता है धरती पर जीवन व्यतीत करने के लिए ऑक्सीजन की मात्रा ज्यादा होनी चाहिए परंतु इस ग्लोबल वार्मिंग के चलते ऑक्सीजन की मात्रा घटती जा रही है और कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ रही है।

जिसके कारण ओजोन परत में एक छेद हो चुका है और यह दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है जिसके कारण इस छेद से गुजरकर पराबैंगनी किरणें जो मानव जीवन को नुकसान पहुंचाती हैं सीधा पृथ्वी तक आ जाती हैं।

इन पराबैंगनी किरणों के कारण अंटार्कटिका में बर्फ पिघल रही है जो जल स्तर को बढ़ा रही है औऱ रेगिस्तान में बढ़ती गर्मी के साथ रेत का क्षेत्रफल बढ़ रहा है तथा सबसे अहम ग्रीन हाउस के असंतुलन के कारण ग्लोबल वार्मिंग हो रही है।

ग्रीन हाउस विभिन्न गैसों का एक समूह-

ग्रीन हाउस गैसों का ऐसा समूह है जिसमें विभिन्न प्रकार की गैसों का अलग-अलग प्रतिशत होता है तथा इन गैसों से पृथ्वी पर एक सुरक्षा आवरण बना रहता है जब इन गैसों के समूह में असंतुलन आ जाता है तो ग्लोबल वार्मिंग नामक समस्या उत्पन्न होती है।

ग्लोबल वार्मिंग कौन कर रहा है-

1. मानव ग्लोबल वार्मिंग को सबसे ज्यादा बढ़ावा दे रहा है और अपनी सुविधाओं के लिए पेड़ों को काटता जा रहा है जिसके कारण कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ रही है।

2. खाली स्थानों पर पेड़ पौधे लगाने की बजाय बिल्डिंग, कारखाने खोल रहा है जो प्रदूषण बढ़ा रहे है।

3. अपनी सुविधा को ध्यान में रखकर नदियों की दिशा बदलने की कोशिश करता है जिसके कारण कुछ समय में अधिकतर नदियां सूख जाती हैं।

4. विभिन्न प्रकार के वाहनों का उपयोग हमारी पृथ्वी को और अधिक प्रदूषण की ओर अग्रसर कर रहा है जो ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ा रही है।

ग्लोबल वार्मिंग हमें कैसे नुकसान पहुंचा रही है-

-ऑटोमोबाइल, मशरूम उद्योग,भ-जीवाश्म ईंधन के दहन आदि की बढ़ती संख्या के कारण वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड अधिक उत्सर्जित होती है जिसके कारण पृथ्वी पर वैश्विक गर्मी बढ़ रही है।

-ग्लोबल वार्मिंग से ग्लेशियर पिघल रहे हैं जो जलस्तर बढ़ा रहे हैं।

-स्वास्थ्य संबंधी विकार उत्पन्न हो रहे हैं जो रोज कोई न कोई नई बीमारियां पैदा कर रहे हैं।

-प्राकृतिक आपदाओं को बढ़ावा मिल रहा है।

-रेफ्रिजरेटर में एक ऐसे रसायन का उपयोग होता है जो ओजोन परत को लगातार प्रभावित कर रही है।

-लगातार बीमारियों में वृद्धि जैसे त्वचा कैंसर, श्वास रोग, कम प्रतिरक्षा समस्या आदि।

ग्लोबल वार्मिंग को रोकना कैसे संभव-

1. प्लास्टिक के कूड़े को इधर-उधर ऐसे ही ना फेंके।

2. पानी को बिना वजह बहने से रोके।

3. बिजली के उपकरणों को बिना आवश्यकता के खुला ना छोड़े।

4. साबुन और डिटर्जेंट का प्रयोग कम करें।

5. पेड़ लगाओ पेड़ लगाओ हरा भरा जीवन बनाओ के नारे को अपनाएं।

6. कोशिश करें सीएफएल बल्ब का इस्तेमाल करें जो बिजली की खपत भी कम करेगा और बिजली के बिल में भी कमी लाएगा

7. पैदल चलने या साइकिल का इस्तेमाल करने की आदत डालें तथा गाड़ियों का इस्तेमाल कम करें ताकि प्रदूषण को कम किया जाए।

8. बारिश के पानी को स्टोर करने की कोशिश करें क्योंकि हम बारिश के पानी को विभिन्न कार्यों में इस्तेमाल कर सकते हैं।

9. अपने आप को सीमित आवश्यकताओं में ढालने की कोशिश करें अपनी सुख-सुविधा के लिए प्रकृति को नुकसान ना पहुंचाएं।

निष्कर्ष –

Global Warming-ग्लोबल वार्मिंग स्वयं मानव द्वारा निर्मित की गई समस्या है और अब स्वयं मानव ही इससे परेशान है जिस प्रकार मानव ग्लोबल वार्मिंग को इतना बड़ा चुके हैं तो मानव का ही कर्तव्य है कि मिलकर इस पृथ्वी को ग्लोबल वार्मिंग नामक बीमारी से बचाए नहीं तो आने वाले समय में पता नहीं यह कितना भयंकर रूप धारण कर ले जो धरती पर जीवन व्यतीत करना भी असंभव कर दें इसलिए कोशिश करें कि अपनी सुख-सुविधा से ज्यादा प्रकृति के सुधार की सोचे।


ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध
Global Warming Essay Hindi Word 1000

ग्लोबल वार्मिंग का अर्थ क्या होता है:-

ग्लोबल वार्मिंग एक ऐसा शब्द है जो सुना तो आजकल सभी ने है लेकिन समझने का प्रयास नहीं करते, क्योंकि अधिकतर लोगों को यही लगता है कि ग्लोबल वॉर्मिंग हमें प्रभावित नहीं कर रही परंतु ग्लोबल वार्मिंग अप्रत्यक्ष रूप से धरती पर मानव जीवन को बहुत हानि पहुंचा रही है।

पर्यावरण में हो रहे लगातार तापमान वृद्धि को ग्लोबल वार्मिंग कहते हैं आज के समय मे ग्लोबल वार्मिंग पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय है और यह ग्लोबल वार्मिंग ना सिर्फ धरती पर मानव जीवन को प्रभावित कर रही है अपितु धरती पर रहने वाले प्रत्येक प्राणी, फसलों आदि सब को प्रभावित कर रही हैं।

जैसे-जैसे ग्लोबल वार्मिंग नामक समस्या का रूप बढ़ रहा है वैसे वैसे हर एक देश इस समस्या का सामना करने के लिए कोई न कोई उपाय खोज रहा है और जो मानव इस समस्या का समाधान खोज रहा है इस ग्लोबल वार्मिंग का मुख्य कारण भी वही मानव है।

क्योंकि मानव ही अपनी सुविधाओं के लिए कुछ ना कुछ ऐसी गतिविधियां करता रहता है जिससे विभिन्न दूषित गैसे जैसे -कार्बन डाइऑक्साइड, मिथेन, नाइट्रोजन ऑक्साइड इत्यादि का ग्रीन हाउस गैसों की मात्रा मैं बढ़ाव हो रहा है।

ग्लोबल वार्मिंग का कारण कौन है-

1. प्राकृतिक कारण
2. मानवीय कारण

1. प्राकृतिक कारण:-

• ग्लोबल वार्मिंग के कारण होने वाले जलवायु परिवर्तन का सबसे बड़ा कारण ग्रीनहाउस गैस है।

• वह गैस जो बाहर से मिल रही गर्मी या ऊष्मा को अपने अंदर सोख लेती है उनको ग्रीन हाउस गैस कहते हैं।

• जब सर्द इलाकों में पौधों को गर्म रखना होता है ताकि वह सड ना जाए ज्यादा सर्दी के कारण तो ग्रीनहाउस गैस का इस्तेमाल करके उनको सुरक्षित रखा जाता है।

• क्योंकि यह ग्रीनहाउस गैस सूरज से आने वाली गर्म किरणों को सोख लेता हैऔर पौधों को गर्म रखता है।

• ग्रीन हाउस गैसों के कारण पृथ्वी पर कार्बन डाइऑक्साइड गैस की मात्रा लगातार बढ़ रही है जो मानव जीवन के लिए हानिकारक है।

• एक शोध से पता चला है कि इन गैसों का उत्सर्जन इसी प्रकार चलता रहा तो 21वीं शताब्दी में हमारी पृथ्वी का तापमान 3 डिग्री से 8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की आशंका है और अगर ऐसा हुआ तो इसके परिणाम स्वरूप दुनिया के बहुत से हिस्सों में बस बर्फ ही बर्फ दिखाई देगी।

• अपितु ना सिर्फ बर्फ, समुद्रों का जल स्तर भी इसके कारण लगातार बढ़ रहा है तो अगर ऐसे ही चलता रहा तो दुनिया का बहुत बड़ा हिस्सा जल में लीन हो जाएगा यह सब तबाही किसी विश्व युद्ध से भी बड़ी होगी।

2. मानवीय कारण:-

• मानव अपने आप को विकास और प्रगति की ओर अग्रसर करने के लिए प्रकृति से लगातार खिलवाड़ कर रहा है।

• ग्लोबल वार्मिंग के कारणों में सबसे बड़ा कारक मानव है।

• मानव अपनी सुख-सुविधाओं के लिए विभिन्न यंत्रों का उपयोग करता है और यह यंत्र विभिन्न प्रकार की गंदी गैस छोड़ते हैं जो गैस हमारी पृथ्वी को असामान्य रूप से गर्म कर रही हैं।

• अपनी सुख-सुविधा के अनुसार नदियों की धाराओं को काटना पर्यावरण को प्रभावित कर देना होता है।

• वनों की कटाई ग्लोबल वार्मिंग का मुख्य कारण है क्योंकि यही पेड़ पौधे मानव द्वारा विसर्जित की जाने वाली कार्बन डाइऑक्साइड को लेते हैं और मानव जीवन के लिए आवश्यक ऑक्सीजन गैस छोड़ते हैं।

• शहरीकरण व रासायनिक उर्वरकों का उपयोग औऱ मानव द्वारा की जा रही विभिन्न गलत क्रियाएं ।

ग्लोबल वार्मिंग से जीवन को कैसे बचाएं-

किसी भी चुनौती का अगर सच्ची लगन से सामना किया जाए तो नामुमकिन कुछ नहीं होता जरूरत होती है एक सच्चे प्रयास की और जब कोई समस्या संपूर्ण विश्व की हो तो प्रयास की आवश्यकता भी संपूर्ण विश्व से होती है। ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए भी संयुक्त प्रयास की आवश्यकता है कुछ महत्वपूर्ण तथ्य जो ग्लोबल वार्मिंग को कम करने के प्रयास में सकते हैं:-

• ग्रीन हाउस गैस का कम इस्तेमाल करना चाहिए।

• कार्बन डाइऑक्साइड की रिहाई को कम करें।

• रीसाइक्लिंग की प्रक्रिया में बढ़ोतरी करने की आवश्यकता है।

• वनों की कटाई को रोककर और अधिक पेड़ लगाकर इससे बचा जा सकता है।

• ग्लोबल वार्मिंग को किसी एक व्यक्ति के प्रयास से नहीं रोक सकते इसके लिए सभी व्यक्तियों और सरकार के संयुक्त प्रयास की आवश्यकता है।

ग्लोबल वार्मिंग हमें कैसे प्रभावित कर रही है-

1. बहुत बड़ी संख्या में ग्लेशियर पिघल रहे हैं

2. जलवायु परिवर्तन तूफानों को बढ़ावा दे रहे हैं।

3. तूफानों को और अधिक खतरनाक और शक्तिशाली बना रहा है।

4. जलवायु परिवर्तन या ऋतु परिवर्तन चक्र में गर्मी के मौसम की अवधि बढ़ती जा रही है और सर्दी के मौसम की अवधि कम होती जा रही है।

5. बिना मौसम के बारिश का होना और फिर इस बारिश का फसलों को नुकसान पहुंचाना।

6. चक्रवात, बाढ़ ,सूखा आदि बहुत से प्रभाव है जो ग्लोबल वार्मिंग द्वारा बढ़ रहे हैं।

जागो जागो मानव जागो ,
समय आया है जाग जाने का ।
आज नहीं तुम जागे तो ,
सर्वनाश हो जाएगा इस पृथ्वी का ।

         पेड़ लगाओ पेड़ लगाओ,
प्रदूषण को दूर भगाओ।
जितने पेड़ लगाओगे,
मानव जीवन को सुखी बनाओगे।

          रोटी धरती,  रोता समुद्र, रोते यह पहाड़ है।
क्या कर रहा है मानव तू।
ये तेरा हर एक काम करता।
तेरा और मेरा बस नुकसान है।

उपसंहार-

हमें यह समझना चाहिए कि जब किसी व्यक्ति को कोई गंभीर बीमारी लग जाती है तो वह व्यक्ति या उसके परिवार द्वारा वह गंभीर बीमारी ठीक करने के कोई ना कोई प्रयास चलते रहते हैं।

उसी प्रकार हमारी पृथ्वी भी आज बहुत बीमार है और इसे भी इलाज की आवश्यकता है हर एक क्रिया करने से पहले हमें सोचना चाहिए कि पर्यावरण पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा और अगर यह ग्लोबल वार्मिंग इसी प्रकार बढ़ती रही तो हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को भविष्य में बीमारियों और विभिन्न समस्याओं को विरासत में दे देंगे।

क्योंकि कोई भी प्रभाव किसी चीज पर अपने आप नहीं होता इसलिए इस प्रभाव को दुष्प्रभाव बनने से रोके नहीं तो इसका भयंकर रूप भविष्य में देखने को मिल सकता है जो पृथ्वी का अस्तित्व ही खत्म कर देगा।

जाग जा अभी समय रहते,
नहीं तो कल बस पछताएगा।
जो कुछ भी नहीं रहेगा धरती पर ,
तब जीवन कैसे बिताएगा ।
मत काटो इन पेड़ों को ,
यह जीवन तेरा बचाएंगे ।
इनकी नहीं तो खुद की सोचो,
कैसे जीवन इनके बिन तू जी पाएंगे।

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तो दोस्तों हमने आपको Global Warming-ग्लोबल वार्मिंग के बारे में अलग-अलग लंबाई के निबंध लिखे हैं अगर आपको हमारे यह निबंध पसंद आते हैं तो आप अपनी आवश्यकता के अनुसार स्कूलों में इनका इस्तेमाल कर सकते हैं और साथ ही आपको भी इसके बारे में लोगों को अवगत करना चाहिए।

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारे द्वारा लिखा गया Global Warming-ग्लोबल वार्मिंग निबंध काफी पसंद आए होंगे तो अगर आपको हमारा आर्टिकल पसंद आता है तो उसे सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें और आप कोई सवाल है तो हमे कमेंट करें

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