Kal Ka Panchang: कल का पंचांग जानिए कल का शुभ मुहूर्त

Aaj Ka Panchang और Kal Ka Panchang हम आपके लिए हर रोज अपडेट करते रहते है जिसमे आपको आज के पंचांग में शुभ मुहूर्त, चौघड़िया, राहुकाल, तिथि-नक्षत्र, योग, पक्ष, वार इत्यादि सभी की जानकारी प्रदान की जाती है।

Kal Ka Panchang- हिन्दू धर्म मे किसी भी विशेष कार्यक्रम औऱ शुभ काम को करने से पहले पंचांग को देखें जाता हैं तथा पंचांग देखें बिना शुभ कार्य शरू नहीं किया जाता हैं इसलिए आज भी अधिकतर लोग आज का पंचांग क्या हैं यह देखकर ही अपने कार्यों को शरू करते हैं।

दरसल, पंचांग(Panchang) का हमारे जीवन मे विशेष महत्व हैं क्योंकि पंचांग के माध्यम से ही हमें पता लगता हैं कि आज के दिन का कौन सा समय शुभ हैं और कौन सा समय अशुभ हैं जिसे हम अपने विशेष कार्यों को शुभ मुहूर्त के अनुसार करते है तथा अशुभ समय के दौरान उन्हें रोक देते है।

इसलिए किसी भी विशेष कार्यक्रम जैसे शादी-ब्याह, व्यवसाय की शरुवात, घर प्रवेश, उत्सव, पूजा-पाठ, व्रत इत्यादि को शुभ मुहूर्त देखकर किया जाता है जिसके लिए Aaj Ka Panchang यानी उस दिन के पंचांग को देखा जाता हैं।

पंचांग को हिन्दू कैलेंडर भी कहा जाता हैं जिसे वैदिक ज्योतिष के द्वारा बनाया गया हैं हिन्दू धर्म मे महत्वपूर्ण कार्यों को शुभ मुहूर्त देखकर करने की मान्यता सदियों से चली आ रही हैं जिसमें विभिन्न समय औऱ तिथियों पर आकाश में खगोलीय वस्तुओं की दशा या स्थिति का ब्यौरा दिया जाता हैं।

आज हम आपको Kal Ka Panchang की जानकारी प्रदान करने वाले हैं जिसे आप पता कर सकते है कि आज का कौन सा समय शुभ हैं और कौन सा समय अशुभ हैं इसके लिए आपको पंचांग तालिका प्रदान की गई है।

आज सोने का भाव आज का चौघड़िया
आज का राहु कालआज का शुभ मुहूर्त

Kal Ka Panchang


पंचांग का हर विशेष कार्यक्रम में ख़ास महत्व होता हैं जिसकी मद्त से हमें यह ज्ञात होता हैं कि कौन दिन कितना शुभ हैं एवं कौन-कौन सा समय शुभ हैं साथ ही कौन दिन कितना अशुभ हैं एवं कौन-कौन सा समय अशुभ हैं औऱ बिना पंचांग देखें बिना किसी भी नये एवं शुभ काम को नही किया जाता हैं इसलिए Aaj Ka Panchang देखने के बाद आपको Kal Ka Panchang भी निचे प्रदान किया गया है।

अक़्सर हम किसी भी विषय काम को करने के लिए एक दिन पहले ही कैसे रहेगा यह जानने के इच्छुक रहते है ताकि उसके अनुसार हम अपने प्रोग्राम के लिए विषय समय निर्धारित कर सके इसलिए हम आपके लिए यहाँ हर रोज Kal Ka Panchang अपडेट करते रहते है तो निचे क्लिक करें और देखें!

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  • Kal Ka Panchang: 8 May 2024 Panchang जानिये शुभ-अशुभ मुहूर्त राहुकाल, तिथि-योग क्या है

7 May 2024 Panchang


सूरज और चाँद का समय
सूर्योदय5:35 AM
सूर्यास्त7:00 PM
चन्द्रोदय5:23 AM, May 08
चन्द्रास्त6:20 PM
आज का पंचांग
शक सम्वत1946 क्रोधि
विक्रम सम्वत2081 पिंगल
पूर्णिमान्तवैशाख
अमान्तचैत्र
तिथिचतुर्दशी – 11:40 AM तक
नक्षत्रअश्विनी – 03:32 PM तक
योगआयुष्मान – 08:59 PM तक
करणशकुनि – 11:40 AM तक
चतुष्पदा – 10:14 PM तक
पक्षकृष्ण पक्ष
वारमंगलवार
7 May 2024 Panchang– शुभमुहूर्तः
ब्रह्म मुहूर्त04:11 AM से 04:53 AM तक
अभिजीत11:51 AM से 12:45 PM तक
विजय मुहूर्त02:32 PM से 03:26 PM तक
गोधूलि मुहूर्त06:59 PM से 07:20 PM तक
7 May 2024 Panchang– अशुभमुहूर्तः
राहु03:39 PM से 05:20 PM तक
यमगण्ड08:57 AM से 10:37 AM तक
गुलिक12:18 PM से 01:58 PM तक
दुर्मुहूर्त08:16 AM से 09:10 AM तक
वर्ज्यम्11:54 AM से 01:21 PM तक

8 May 2024 Panchang


सूरज और चाँद का समय
सूर्योदय5:35 AM
सूर्यास्त7:01 PM
चन्द्रोदयNo Moonrise
चन्द्रास्त7:29 PM
आज का पंचांग
शक सम्वत1946 क्रोधि
विक्रम सम्वत2081 पिंगल
पूर्णिमान्तवैशाख
अमान्तचैत्र
तिथिअमावस्या – 8:51 AM तक
नक्षत्रभरणी – 1:33 PM तक
योगसौभाग्य – 5:41 PM तक
करणनागव – 8:51 AM तक
किन्स्तुघ्न – 7:33 PM तक
पक्षकृष्ण पक्ष
वारबुधवार
8 May 2024 Panchang– शुभमुहूर्तः
ब्रह्म मुहूर्त4:10 AM से 4:52 AM तक
अभिजीतNone
विजय मुहूर्त2:32 PM से 3:26 PM तक
गोधूलि मुहूर्त7:00 PM से 7:21 PM तक
8 May 2024 Panchang– अशुभमुहूर्तः
राहु12:18 PM से 1:59 PM तक
यमगण्ड7:15 AM से 8:56 AM तक
गुलिक10:37 AM से 12:18 PM तक
दुर्मुहूर्त11:51 AM से 12:45 PM तक
वर्ज्यम्12:44 AM, May 9 से 2:14 AM, May 9 तक

9 May 2024 Panchang


सूरज और चाँद का समय
सूर्योदय5:34 AM
सूर्यास्त7:01 PM
चन्द्रोदय6:07 AM
चन्द्रास्त8:39 PM
आज का पंचांग
शक सम्वत1946 क्रोधि
विक्रम सम्वत2081 पिंगल
पूर्णिमान्तवैशाख
अमान्तवैशाख
तिथिप्रतिपदा – 6:21 AM तक
नक्षत्रकृत्तिका – 11:55 AM तक
योगशोभन – 2:42 PM तक
करणबव – 6:21 AM तक
बालव – 5:15 PM तक
पक्षशुक्ल पक्ष
वारगुरुवार
9 मई 2024 पंचांगशुभमुहूर्तः
ब्रह्म मुहूर्त4:10 AM से 4:52 AM तक
अभिजीत11:51 AM से 12:45 PM तक
विजय मुहूर्त2:32 PM से 3:26 PM तक
गोधूलि मुहूर्त7:00 PM से 7:21 PM तक
9 मई 2024 पंचांग– अशुभमुहूर्तः
राहु1:59 PM से 3:40 PM तक
यमगण्ड5:34 AM से 7:15 AM तक
गुलिक8:56 AM से 10:37 AM तक
दुर्मुहूर्त10:03 AM से 10:57 AM तक
वर्ज्यम्3:10 AM से 4:41 AM तक, मई 10

10 May 2024 Panchang


सूरज और चाँद का समय
सूर्योदय5:33 AM
सूर्यास्त7:02 PM
चन्द्रोदय6:57 AM
चन्द्रास्त9:45 PM
आज का पंचांग
शक सम्वत1946 क्रोधि
विक्रम सम्वत2081 पिंगल
पूर्णिमान्तवैशाख
अमान्तवैशाख
तिथितृतीया – 2:50 AM, मई 11 तक
नक्षत्ररोहिणी – 10:47 AM तक
योगअतिगंड – 12:07 PM तक
करणतैतिल – 3:29 PM तक
गरज – 2:50 AM, मई 11 तक
पक्षशुक्ल पक्ष
वारशुक्रवार
10 मई 2024 पंचांगशुभमुहूर्तः
ब्रह्म मुहूर्त4:09 AM से 4:51 AM तक
अभिजीत11:51 AM से 12:45 PM तक
विजय मुहूर्त2:32 PM से 3:26 PM तक
गोधूलि मुहूर्त7:01 PM से 7:22 PM तक
10 मई 2024 पंचांग– अशुभमुहूर्तः
राहु10:37 AM से 12:18 PM तक
यमगण्ड3:40 PM से 5:21 PM तक
गुलिक7:14 AM से 8:56 AM तक
दुर्मुहूर्त8:15 AM से 9:09 AM तक
वर्ज्यम्4:15 PM से 5:49 PM तक

11 May 2024 Panchang


सूरज और चाँद का समय
सूर्योदय5:33 AM
सूर्यास्त7:03 PM
चन्द्रोदय7:53 AM
चन्द्रास्त10:45 PM
आज का पंचांग
शक सम्वत1946 क्रोधि
विक्रम सम्वत2081 पिंगल
पूर्णिमान्तवैशाख
अमान्तवैशाख
तिथिचतुर्थी – 2:03 AM, मई 12 तक
नक्षत्रमृगशिरा – 10:15 AM तक
योगसुकर्मा – 10:03 AM तक
करणवणिज – 2:21 PM तक
विष्टि – 2:03 AM, मई 12 तक
पक्षशुक्ल पक्ष
वारशनिवार
11 मई 2024 पंचांगशुभमुहूर्तः
ब्रह्म मुहूर्त4:09 AM से 4:51 AM तक
अभिजीत11:51 AM से 12:45 PM तक
विजय मुहूर्त2:33 PM से 3:27 PM तक
गोधूलि मुहूर्त7:01 PM से 7:22 PM तक
11 मई 2024 पंचांग– अशुभमुहूर्तः
राहु8:55 AM से 10:36 AM तक
यमगण्ड1:59 PM से 3:40 PM तक
गुलिक5:33 AM से 7:14 AM तक
दुर्मुहूर्त5:33 AM से 6:27 AM तक
वर्ज्यम्6:43 PM से 8:20 PM तक

12 May 2024 Panchang


सूरज और चाँद का समय
सूर्योदय5:32 AM
सूर्यास्त7:03 PM
चन्द्रोदय8:53 AM
चन्द्रास्त11:37 PM
आज का पंचांग
शक सम्वत1946 क्रोधि
विक्रम सम्वत2081 पिंगल
पूर्णिमान्तवैशाख
अमान्तवैशाख
तिथिपंचमी – 2:03 AM, मई 13 तक
नक्षत्रआर्द्रा – 10:27 AM तक
योगधृति – 8:34 AM तक
करणबव – 1:57 PM तक
बालव – 2:03 AM, मई 13 तक
पक्षशुक्ल पक्ष
वाररविवार
12 मई 2024 पंचांग– शुभमुहूर्तः
ब्रह्म मुहूर्त4:08 AM से 4:50 AM तक
अभिजीत11:51 AM से 12:45 PM तक
विजय मुहूर्त2:33 PM से 3:27 PM तक
गोधूलि मुहूर्त7:02 PM से 7:23 PM तक
12 मई 2024 पंचांग– अशुभमुहूर्तः
राहु5:22 PM से 7:03 PM तक
यमगण्ड12:18 PM से 1:59 PM तक
गुलिक3:40 PM से 5:22 PM तक
दुर्मुहूर्त5:15 PM से 6:09 PM तक
वर्ज्यम्10:55 PM से 12:35 AM, मई 13 तक

13 May 2024 Panchang


सूरज और चाँद का समय
सूर्योदय5:31 AM
सूर्यास्त7:04 PM
चन्द्रोदय9:54 AM
चन्द्रास्त12:21 AM, मई 14
आज का पंचांग
शक सम्वत1946 क्रोधि
विक्रम सम्वत2081 पिंगल
पूर्णिमान्तवैशाख
अमान्तवैशाख
तिथिषष्ठी – 2:50 AM, मई 14 तक
नक्षत्रपुनर्वसु – 11:23 AM तक
योगशूल – 7:42 AM तक
करणकौलव – 2:21 PM तक
तैतिल – 2:50 AM, मई 14 तक
पक्षशुक्ल पक्ष
वारसोमवार
13 मई 2024 पंचांगशुभमुहूर्तः
ब्रह्म मुहूर्त4:08 AM से 4:50 AM तक
अभिजीत11:51 AM से 12:45 PM तक
विजय मुहूर्त2:33 PM से 3:27 PM तक
गोधूलि मुहूर्त7:03 PM से 7:24 PM तक
13 मई 2024 पंचांग– अशुभमुहूर्तः
राहु7:13 AM से 8:55 AM तक
यमगण्ड10:36 AM से 12:18 PM तक
गुलिक1:59 PM से 3:41 PM तक
दुर्मुहूर्त12:45 PM से 1:39 PM तक
वर्ज्यम्7:57 PM से 9:40 PM तक

14 May 2024 Panchang


सूरज और चाँद का समय
सूर्योदय5:31 AM
सूर्यास्त7:04 PM
चन्द्रोदय10:54 AM
चन्द्रास्त12:58 AM, मई 15
आज का पंचांग
शक सम्वत1946 क्रोधि
विक्रम सम्वत2081 पिंगल
पूर्णिमान्तवैशाख
अमान्तवैशाख
तिथिसप्तमी – 4:19 AM, मई 15 तक
नक्षत्रपुष्य – 1:05 PM तक
योगगंड – 7:26 AM तक
करणगरज – 3:29 PM तक
वणिज – 4:19 AM, मई 15 तक
पक्षशुक्ल पक्ष
वारमंगलवार
14 मई 2024 पंचांग– शुभमुहूर्तः
ब्रह्म मुहूर्त4:07 AM से 4:49 AM तक
अभिजीत11:51 AM से 12:45 PM तक
विजय मुहूर्त2:33 PM से 3:27 PM तक
गोधूलि मुहूर्त7:03 PM से 7:24 PM तक
14 मई 2024 पंचांग– अशुभमुहूर्तः
राहु3:41 PM से 5:23 PM तक
यमगण्ड8:54 AM से 10:36 AM तक
गुलिक12:18 PM से 1:59 PM तक
दुर्मुहूर्त8:14 AM से 9:08 AM तक
वर्ज्यम्3:08 AM, मई 15 से 4:53 AM, मई 15 तक

15 May 2024 Panchang


सूरज और चाँद का समय
सूर्योदय5:30 AM
सूर्यास्त7:05 PM
चन्द्रोदय11:51 AM
चन्द्रास्त1:30 AM, 16 मई
आज का पंचांग
शक सम्वत1946 क्रोधि
विक्रम सम्वत2081 पिंगल
पूर्णिमान्तवैशाख
अमान्तवैशाख
तिथिअष्टमी – पूरी रात तक
नक्षत्रआश्लेषा – 03:25 PM तक
योगवृद्धि – 07:42 AM तक
करणविष्टि – 05:17 PM तक
पक्षशुक्ल पक्ष
वारबुधवार
15 मई 2024 पंचांग– शुभमुहूर्तः
ब्रह्म मुहूर्त04:07 AM से 04:48 AM तक
अभिजीतकोई नहीं
विजय मुहूर्त02:33 PM से 03:28 PM तक
गोधूलि मुहूर्त07:04 PM से 07:25 PM तक
15 मई 2024 पंचांग– अशुभमुहूर्तः
राहु12:18 PM से 02:00 PM तक
यमगण्ड07:12 AM से 08:54 AM तक
गुलिक10:36 AM से 12:18 PM तक
दुर्मुहूर्त11:50 AM से 12:45 PM तक
वर्ज्यम्कोई नहीं

आज का पंचांग


पंचांग का मतलब है पांच अंग क्योंकि यह पांच अंगो से मिलकर बना हैं पंचांग में नक्षत्र, तिथि, योग, करण और वार पांच अंग होते हैं पंचांग तालिका की मद्त से ही कुंडली औऱ जीवन भविष्यवाणी करने में भी आवश्यकता होती हैं पंचांग को (Panchangm) पंचागम् भी कहते है।

किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए शुभ मुहूर्त देखने के लिए पंचांग की मद्त ली जाती हैं पंचांग में पांच अंग होते है और तीन धारायें होती हैं जो इस प्रकार हैं- चंद्र, नक्षत्र और सूर्य आधारित धारायें होती हैं।

Kal Ka Panchang में आपको हर दिन का पंचांग प्रदान किया जाता हैं औऱ इस पंचांग तालिका में आपको शुभ और अशुभ मुहूर्त के साथ सभी जानकारी प्रदान की जाती हैं पंचांग में आपको निम्नलिखित जानकारी मिलती हैं।

आज कौनसी तिथि है?आज वार कौनसा है?
चंद्रमा राशि-नक्षत्र में हैं?चंद्रमा क्या प्रभाव हैं?
सूर्योद्य का क्या समय है?सूर्यास्त का क्या समय है?
चंद्रोद्य कब हो रहा है?कौनसा पक्ष चल रहा है?
करण क्या है?योग क्या बन रहे हैं?
माह कौनसा चल रहा है?सूर्य राशि क्या बन रही है?
सूर्य किस नक्षत्र में हैं?ऋतु कौनसी चल रही है?
माह कौनसा है?शुभसमय कब तक है?
व्रत उपवास कब हैंकौनसा पहर है?
अशुभ-समय कब तक है?अयन क्या है?

तिथि

दिनांक व तारीख़ को ही तिथि कहा जाता हैं जब चन्द्र और सूर्य के अन्तरांशों के मान 12 अंशों का होता है उसे तिथि कहते हैं जबकि 180 अंश होने पर पूर्णिमा एवं 0 या 360 अंश के समय को अमावस कहा जाता है।

एक मास यानी महीनें में आमतौर पर 30 दिन होते हैं जिसमें दो पक्ष होते हैं कृष्ण पक्ष औऱ शुक्ल पक्ष! मास के 30 दिनों में 15 दिन कृष्ण पक्ष के होते है तथा 15 दिन शुक्ल पक्ष के होते है।

कृष्ण पक्ष की पहली तिथि को कृष्ण प्रतिपदा औऱ अंतिम तिथि आमवस्या कहते हैं और शुक्ल पक्ष की पहली तिथि शुक्ल प्रतिपदा और अंतिम तिथि पूर्णिमा कहते है। कृष्ण पक्ष औऱ शुक्ल पक्ष के नाम इस प्रकार हैं

शुक्ल पक्ष के नाम

1. प्रतिपदा2. द्वितीया3. तृतीया
4. चतुर्थी5. पंचमी6. षष्ठी
7. सप्तमी8. अष्टमी9. नवमी
10. दशमी11. एकादशी12. द्वादशी
13. त्रयोदशी14. चतुर्दशी15. पूर्णिमा

कृष्ण पक्ष के नाम

1. प्रतिपदा2. द्वितीया3. तृतीया
4. चतुर्थी5. पंचमी6. षष्ठी
7. सप्तमी8. अष्टमी9. नवमी
10. दशमी11. एकादशी12. द्वादशी
13. त्रयोदशी14. चतुर्दशी15. अमावस्या

वार

सूर्योदय औऱ सूर्योदय के समय को वार कहते है जिसे आम बोलचाल में दिन कहा जाता हैं एक सप्ताह में सात वार होते है जो इस प्रकार हैं

सोमवारमंगलवार
बुधवारबृहस्पतिवार
शुक्रवारशनिवार
रविवार

नक्षत्र

तारों के समूह को नक्षत्र कहा जाता हैं और ज्योतिष शस्त्रों में इनकी सँख्या 27 होती है जो इस प्रकार है

1. अश्विनी2. भरणी
3. कृतिका4. रोहिणी
5. मृगशिरा6. आर्द्रा
7. पुनर्वसु8. पुष्य
9. अश्लेषा10. मघा
11. पूर्वा फाल्गुनी12. उत्तरा फाल्गुनी
13. हस्त14. चित्रा
15. स्वाती16. विशाखा
17. अनुराधा18. ज्येष्ठा
19. मूल20. पूर्वाषाढ़ा
21. उत्तराषाढा22. श्रवण
23. धनिष्ठा24. शतभिषा
25. पूर्वाभाद्रपद26. उत्तरभाद्रपद
27. रेवती

योग

हिन्दू ज्योतिषियों के अनुसार योग की संख्या 27 होती है जो इस प्रकार है

1. विष्कुम्भ2. प्रीति
3. आयुष्मान4. सौभाग्य
5. शोभन6. अतिगण्ड
7. सुकर्मा8. धृति
9. शूल10. गण्ड
11. वृद्धि12. ध्रुव
13. व्याघात14. हर्षण
15. वज्र16. सिद्धि
17. व्यातीपात18. वरीयान
19. परिघ20. शिव
21. सिद्ध22. साध्य
23. शुभ24. शुक्ल
25. ब्रह्म26. इन्द्र
27. वैधृति

करण

एक तिथि में दो करण होते हैं औऱ तिथि के आधे हिस्से जो करण कहा जाता हैं इसलिए एक माह में 30 तिथि होती है और प्रत्येक तिथि में दो करण होते हैं इसलिए एक माह में 60 करण होते हैं। करण को दो भाग होते हैं- चर करण और स्थिर करण जो इस प्रकार हैं

चर करण – बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज्य, विष्टी।

स्थिर करण – शकुनि, चतुष्पाद, नाग, किंस्तुघ्न।

पंचांग में क्या होता है

सूर्योदय सूर्य के निकलने के समय को सूर्योदय कहा जाता हैं औऱ पंचांग में आपको इसके समय की जानकारी प्रदान की जाती हैं।

सूर्यास्त- सूर्य के छिपने व अस्त होने को सूर्यास्त कहा जाता है औऱ पंचांग में आपको इसके समय की जानकारी प्रदान की जाती हैं औऱ सूर्योदय और सूर्यास्त का समय ज्योतिष में बहुत महत्व रखता है।

चंद्रोदय- चन्द्रमाँ के निकलने को चंद्रोदय कहा जाता है औऱ पंचांग में आपको इसके समय की जानकारी प्रदान की जाती हैं।

चन्द्रास्त- चन्द्रमाँ के छिपने व अस्त होने को चन्द्रास्त कहा जाता है औऱ पंचांग में आपको इसके समय की जानकारी प्रदान की जाती हैं औऱ चंद्रोदय और चन्द्रास्त का समय ज्योतिष में बहुत महत्व रखता है।

अमांत माह- हिंदू कैलेंडर के अनुसार जो चंद्र महीना अमावस्या के दिन समाप्त होता है उसे अमांत माह के नाम से जाना जाता है।

पूर्णिमांत माह- हिंदू कैलेंडर के अनुसार जब चंद्र महीना पूर्णिमा के दिन समाप्त होता है तो उसे पूर्णिमांत माह के नाम से जाना जाता है।

सूर्य राशि- राशिफल की गणना या अनुमान लगाने के लिए सूर्य राशि का उपयोग किया जाता है और ज्योतिष के अनुसार भविष्य को निर्धारित करने में सूर्य राशि एक अहम भूमिका निभाती है।

चंद्र राशि- राशिफल की गणना या अनुमान लगाने के लिए चन्द्र राशि का उपयोग में किया जाता है और ज्योतिष के अनुसार यह जातक के व्यवहार को निर्धारित करने में चन्द्र राशि एक अहम भूमिका निभाती है।

आज के पंचांग का महत्व

1. आज के पंचांग की मद्त से आप प्रत्येक दिन के शुभ मुहूर्त और अशुभ समय का पता लगा सकते है।

2. आज के पंचांग की तालिका में आपको शुभ समय कब है औऱ अशुभ समय कब है इसकी जानकारी दी जाती हैं।

3. आज के पंचांग देखकर ही आपको अपने कार्य को करना चाहिए ताकि आपके जीवन मे कोई प्रभाव न पड़े।

4. अशुभ समय मे कार्य करने की बजाये उसे कुछ समय के लिए रोक देना चाहिए और Kal Ka Panchang को यह जानकारी प्रदान करता हैं।

5. जैसे विशेष कार्यक्रम करने से पहले आज का पंचांग देखा जाता है आप भी किसी विशेष कार्य करने से पहले Kal Ka Panchang देख कर ही कार्य करें ताकि आपको सफलता प्राप्त हो।

पंचांग हमारे जीवन मे बहुत महत्वपूर्ण हैं इसलिए आपको हर दिन का पंचांग देखना चाहिए और शुभ और अशुभ समय के अनुसार अपने आवश्यक औऱ महत्वपूर्ण कार्य करने चाहिए ताकि आपको जीवन मे बिना किसी समस्याओं के आगे बढ़ने में मद्त मिले।

पंचांग क्या हैं?

– पंचांग पांच अंगो से मिलकर बना हैं पंचांग में नक्षत्र, तिथि, योग, करण और वार पांच अंग होते हैं पंचांग तालिका की मद्त से ही कुंडली औऱ जीवन भविष्यवाणी करने में भी आवश्यकता होती हैं पंचांग को (Panchangm) पंचागम् भी कहते है।

Aaj Ka Panchang क्या हैं?

– यहाँ आपकों हर दिन का पंचांग प्रदान किया जाता हैं औऱ इस पंचांग तालिका में आपको शुभ और अशुभ मुहूर्त के साथ सभी जानकारी प्रदान की जाती हैं आज का पंचांग क्या है ऊपर प्रदान किया गया है

Kal Ka Panchang क्या हैं?

– यहाँ आपकों आज का पंचांग के साथ-साथ कल का पंचांग में प्रदान किया गया हैं जिसे आप पहले ही शुभ व अशुभ समय के अनुसार अपने कार्य को करने का समय तय कर सकते हैं कल का पंचांग क्या है ऊपर प्रदान किया गया है।

पूर्णिमा क्या होती हैं?

हर वर्ष 12 माह होते हैं औऱ हर माह में 30 दिन जिसमें से एक पूर्णिमा औऱ अमावस्य होती हैं जिसका अर्थ है कि हर महीने एक पूर्णिमा होती है तथा शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि को पूर्णिमा कहते है औऱ पढें..

हमारे द्वारा दी गयी जानकारी के कई सोर्स हैं जिसका उद्देश्य आपको सटीक जानकारी प्रदान करना हैं इसलिए इसके लिए astrosage औऱ drikpanchang जैसे वेबसाइटों से मद्त ली गयी हैं उम्मीद है आपको हमारी जानकारी से मद्त मिलेंगी।

तो अगर आपको हमारा यह आर्टिकल किसी भी नज़र से महत्वपूर्ण लगता हैं तो कृपया इसे कम से कम केवल एक व्यक्ति के साथ जरूर शेयर करें ताकि उसके जीवन मे भी बुरा प्रभाव कम हो औऱ अपनी फैमिली और रिस्तेदारों में जरूर शेयर करें ताकि उन्हें भी Kal Ka Panchang से पता लगे कि कौनसा समय शुभ है औऱ कौनसा अशुभ!!

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Akashvani Vaidik
Akashvani Vaidikhttps://newsmeto.com/
मेरा नाम आकाशवाणी वैदिक है और प्रसिद्ध एस्ट्रो अरुण पंडित की शिष्या हूँ मैं पिछले 7 सालों से पत्रकारिता में ज्योतिष शास्त्रों और हिन्दू ग्रंथों-पुराणों पर अध्ययन और लेखन कर रही हूँ वर्तमान में NewsMeto.com की लेखिका हूँ "यथा पिण्डे तथा ब्रह्माण्डे। यथा ब्रह्माण्डे तथा पिण्डे।"

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