10 Line Ambedkar Jayanti- अम्बेडकर जयंती पर निबंध

10 Line Ambedkar Jayanti – बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर जिसे भारत के संविधान के निर्माता कहा जाता हैं जोकि एक महान व्यक्ति थे इसलिए हर साल 14 अप्रैल को उन्हें याद किया जाता हैं तथा इस दिन को अम्बेडकर जयंती के रूप में मनाया जाता हैं।

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10 Line Ambedkar Jayanti short essay hindi

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10 Line Ambedkar Jayanti Short Essay Hindi- पहला

1. बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर एक महान दलित नेता, अर्थ शास्त्री और समाज शास्त्री थे।

2. उनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू सैना छावनी मध्य प्रदेश में हुआ था।

3. माता का नाम भीमा बाई और पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल था जोकि भारतीय सैना की महू छावनी में सूबेदार थे।

4. उनके परिवारजन मूल रूप से महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में आंबडवे गाँव के निवासी थे वह हिंदू महार जाति से संबंध रखते थे जिसे अछूत माना जाता था।

5. बाद में उनके पिता महाराष्ट्र आ गए और फिर अम्बेडकर की प्राथमिक शिक्षा यहीं प्रारंभ हुई।

6. 1907 में उन्होंने अपनी मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण की व 1912 में अर्थशास्त्र और राजनीतिक विज्ञान में बीए की डिग्री प्राप्त की वह इतनी उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले अपने वर्ग के पहले व्यक्ति थे।

7. बडौदा के महाराज गायकवाड़ द्वारा उनकी योग्यता को देखते हुए उन्हें छात्रवृत्ति प्रदान की गई जिसके कारण उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिये आर्थिक मदद मिल सकी।

8. वह निर्बाध गति से शिक्षा के क्षेत्र में एक के बाद एक उपलब्धियाँ हासिल करते चले गए उनका मानना था कि शिक्षा ही पिछड़े वर्गों को उनके अधिकार दिला सकती है।

9. उनकी प्रतिभा का तेजस्व किसी से छुपा नही था इसलिए 1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद उनसे न्याय एवं कानून मंत्री का पद सम्भालने का अनुरोध किया गया जिसे उन्होनें स्वीकार भी किया।

10. स्वतंत्र भारत के संविधान का निर्माण उन्होने ही किया था जिसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था इसलिए उन्हें आधुनिक भारत का निर्माता कहा जाता है।


10 Line Ambedkar Jayanti Short Essay Hindi- दूसरा

1. भीमराव अम्बेडकर का जन्म महू छावनी मध्य प्रदेश के सूबेदार रामजी मालोजी सकपाल के यहाँ हुआ था जोकि महार नामक अछूत जाति के परिवार से सम्बंध रखते थे।

2. उनके अछूत जाति के होनें के कारण जीवन भर वह जातिगत भेदभाव की प्रताड़ना को झेलते रहे।

3. लेकिन उनकी दृढ़ इच्छा शक्ति को यह सब परेशानियाँ तोड़ नही पाई और ईश्वर उनके लिये आगे बढ़ने के रास्ते खोलते चले गए।

4. महाराज गायकवाड़ की छात्रवृत्ति की सहायता के फलस्वरूप वह अपनी उच्च शिक्षा पूर्ण कर पाए और आर्थिक निम्नता उनकी शिक्षा के रास्ते का रोड़ा नही बन पाई।

5. 1916 में उन्होने अर्थशास्त्र में पीएचडी की डिग्री ली और 1920 में उन्हें लंदन विश्वविद्यालय द्वारा डॉक्टरेट की डिग्री मिली।

6. उन्होनें कोलम्बिया विश्व विद्यालय से 1952 में डॉक्टर ऑफ़ लॉज की उपाधि प्राप्त की और भारत के उस्मानिया विश्व विद्यालय से 1953 में डॉक्टर ऑफ़ लिटरेचर की उपाधि प्राप्त की।

7. उन्होनें 1947 में स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून और न्याय मंत्री का पद संभाला और भारत के संविधान के निर्माता बने।

8. उन्होने 60 से अधिक देशों के संविधानों का अध्ययन करके एक ऐसे संविधान की रचना की जो विश्व का सबसे बड़ा संविधान है और जिसके साथ ही हमारा देश विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश बन गया।

9. 6 दिसंबर 1956 को 64 वर्ष की आयु में दिल्ली में उनका निधन हो गया।

10. भारत देश के लिए और दलित समाज के लिए उनका योगदान अवर्णनीय है।


10 Line Ambedkar Jayanti Short Essay Hindi- तीसरा

1. इतिहास को यदि छान कर देखा जाए तो भारत के योग्यतम  व्यक्ति के रूप में बाबासाहब भीम राव अम्बेडकर का ही नाम सबसे ऊपर रहेगा।

2. एक जीवन में इतनी उपलब्धियाँ प्राप्त करना किसी साधारण मनुष्य का कार्य नही हो सकता वह भी समाज के एक सबसे शोषित और गरीब वर्ग के व्यक्ति के लिए तो यह बिल्कुल असम्भव था।

3. उनका जन्म मध्य प्रदेश के महू नगर में एक महार जाति के परिवार में हुआ जोकि मूल रूप से महाराष्ट्र के आम्बडवे गाँव से सम्बंधित था।

4. बचपन से वह भेदभाव, छूआछूत के अपमान को सहते हुए बड़े हुए व यह एक बहुत बड़ी विडम्बना है कि भारत के सफलतम व्यक्ति बनने के बावजूद उनके साथ भेदभाव जारी रहा।

5. उन्होंने मूकनायक, बहिष्कृत भारत, समता, प्रबुद्ध भारत और जनता नाम से पाँच पत्रिकाएं निकालीं थीं।

6. इन सब पत्रिकाओं के द्वारा वह अपने सामाजिक राजनीतिक विचारों को जन-जन के बीच पहुँचाने का प्रयास करते थे।

7. बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर को देश के संविधान की रचना करने की जिम्मेदारी मिली जोकि उन्होने बहुत अच्छी तरह निभाई।

8. उन्होने भारत के सभी नागरिकों चाहें वह किसी भी धर्म, जाति, सम्प्रदाय से हों सभी के लिए समान अधिकार, कर्तव्य और कानून बनाए।

9. उन्होने निम्न वर्गो के लिए शिक्षा और नौकरी में आरक्षण के नियम बनाए ताकि सदियों से शोषित होता हुआ यह वर्ग धीरे-धीरे अन्य वर्गो के बराबर हो सके।

10. उनका जन्मदिवस हर वर्ष महाराष्ट्र में ज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है।


10 Line Ambedkar Jayanti Short Essay Hindi- चौथा

1. डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर ने अपना पूरा जीवन दलित वर्ग के उत्थान के लिये अर्पण कर दिया।

2. उन्होने दलितों के शोषण के विरुद्ध बहुत से आन्दोलन और सत्याग्रह किये।

3. उन्होनें बहिष्कृत हितकारिणी सभा की स्थापना की जिसका उद्देश्य समाज के बहिष्कृत निम्न वर्ग की शैक्षिक आर्थिक और सामाजिक दशा को सुधारना था।

4. 1936 में, अम्बेडकर ने स्वतंत्र लेबर पार्टी की स्थापना की जिसे 1937 में केन्द्रीय विधान सभा चुनावों मे 13 सीटें मिली।

5. 1942 में उन्होने ऑल इंडिया शेड्यूल्स कास्ट्स फेडरेशन के नाम से संगठन की स्थापना की जिसका उद्देश्य दलित वर्ग को उनके मानव अधिकार दिलाना था।

6. उन्होने देश के स्वतंत्रता संघर्ष में भी प्रशंसनीय भूमिका निभाई और स्वतंत्र भारत के संविधान का निर्माण करके उन्होने पूरी दुनिया के सामने स्वयं को सिद्ध किया।

7. उन्होने केवल दलितों के ही नही बल्कि पूरे देश के हृदय में अपना स्थान बनाया।

8. 1990 में उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति वेंकट रमण द्वारा भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित किया गया था।

9. हर वर्ष 14 अप्रैल को उनका जन्मदिन भारत ही नही बल्कि पूरी दुनिया में मनाया जाता है।

10. 1927 में उनके अनुयायियों ने आदर से उन्हें बाबा साहेब नाम दिया और आज पूरा देश उन्हें आदर और सम्मान से बाबा साहेब कह कर याद करता है।


10 Line Ambedkar Jayanti Short Essay Hindi- पांचवा

1. भीम राव अम्बेडकर का जन्म एक हिन्दू महार जाति के  परिवार में हुआ जिसे समाज अछूत कह कर बुलाता था।

2. अछूत जाति के बालक होने के कारण उनकी पढ़ाई लिखाई में बहुत अड़चनें आई उन्हें हर जगह भेदभाव का सामना करना पड़ा मगर वह रुके नही।

3. 15 वर्ष की आयु में उनका विवाह 9 वर्षीय रमाबाई से हुआ उस समय बाल विवाह सामान्य था।

4. 1912 में उनके पिता का देहांत हुआ पर किसी भी कारण से उन्होने अपनी शिक्षा को रुकने नही दिया।

5. वह इस बात को भली-भाँति समझते थे कि पिछड़े समाज का उत्थान केवल शिक्षा के द्वारा ही होगा और वह अपने वर्ग में शिक्षा की एक मिसाल कायम करना चाहते थे जोकि उन्होने की भी।

6. वह एक प्रतिभाशाली और जागरुक लेखक थे तथा  11 भाषाओं के ज्ञाता थे जिनमें संस्कृत, मराठी, हिन्दी, पालि, गुजराती, कन्नड, बंगाली, अंग्रेज़ी, फारसी, फ़्रैंच, और जर्मन शामिल है।

7. वह अधिकतर अंग्रेज़ी में लिखते थे अनहिलेशन ऑफ कास्ट, द बुद्ध ऐंड हिज धम्म, कास्ट इन इंडिया, हू वेअर द शूद्राज, रिडल्स इन हिन्दूईज्म, उनकी मुख्य पुस्तकें है।

8. जीवन भर बाबासाहब अम्बेडकर ने दलित वर्ग को हिन्दू समाज में मानवीय अधिकार दिलाने के भरसक प्रयास किये।

9. वह बौद्ध धर्म के सिद्धांतों से बहुत प्रभावित थे उन्होने दलित बौद्ध आन्दोलन चलाया जिसके चलते 5 लाख दलितों ने बौद्ध धर्म को अपनाया।

10. मृत्यु से पहले 14 अक्टूबर 1956 को उन्होने खिन्न मन से हिन्दू धर्म को त्याग कर बौद्ध धर्म को अपना लिया था।

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तो दोस्तों हमने आपको Ambedkar Jayanti पर 10 लाइन निबंध अलग-अलग प्रकार के लिखे हैं अगर आपको हमारे यह निबंध पसंद आते हैं तो आप अपनी आवश्यकता के अनुसार स्कूलों में इनका इस्तेमाल कर सकते हैं और साथ ही आपको भी इसके बारे में लोगों को अवगत करना चाहिए।

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