Bhavishya Malika 2024: दुनिया हो जायगी इस दिन खत्म, आ रहा है कलयुग का अंत

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Bhavishya Malika 2024: भविष्य मालिका एक ऐसी रहस्यमयी किताब है जो सदियों से रहस्यमयी भविष्यवाणियों के लिए प्रसिद्ध है इसे पंच सखा के पांच महान संतों ने लिखा था जिनमें से संत अच्युतानंद दास ने इसे पहेलियों के रूप में प्रस्तुत किया इस किताब ने समय-समय पर अनेक घटनाओं की भविष्यवाणी की है जो सत्य साबित हुई हैं।

इस किताब में आने वाले समय की घटनाओं के बारे में बताया गया है जो 2024 में दुनिया को हिला सकती हैं इस किताब में प्राकृतिक आपदाओं, महामारियों, विश्व युद्धों और धार्मिक व सामाजिक परिवर्तनों के बारे में बताया गया है आइए जानते हैं Bhavishya Malika 2024 की भविष्यवाणियों के बारे में।

Bhavishya Malika का इतिहास

भविष्य मालिका का इतिहास लगभग 500 साल पुराना है इस अद्वितीय ग्रंथ को संत अच्युतानंद दास ने लिखा था जो जगन्नाथ मंदिर के द्वारपाल थे। संत अच्युतानंद दास का जन्म 1480 और 1505 के बीच हुआ था और उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी में ही प्राप्त की थी वे पंच सखा के एक महत्वपूर्ण सदस्य थे जो पाँच महान संतों का समूह था।

Bhavishya Malika में उन्होंने आने वाले समय की घटनाओं को पहेलियों के रूप में लिखा जिन्हें समझना हर किसी के बस की बात नहीं है इन पहेलियों में उन्होंने भविष्य में घटित होने वाली अनेक घटनाओं का वर्णन किया जो समय-समय पर सत्य साबित हुई हैं।

भविष्य मालिका की लोकप्रियता और इसकी भविष्यवाणियों की सत्यता ने इसे एक रहस्यमयी ग्रंथ बना दिया है इसे समझने और डिकोड करने के लिए गहरी समझ और साधना की आवश्यकता होती है जो हर किसी के बस की बात नहीं है इस कारण से यह ग्रंथ आज भी शोध और चर्चा का विषय बना हुआ है।

भविष्य मालिका 2024 की भविष्यवाणियाँ

Bhavishya Malika एक रहस्यमयी किताब ने 2024 के लिए चौंकाने वाली भविष्यवाणियाँ की हैं इसमें कहा गया है कि 2024 के बाद एक नई महामारी आएगी जो कोरोना से भी ज्यादा घातक होगी इसके अलावा, प्राकृतिक आपदाएँ जैसे भूकंप, साइक्लोन और बाढ़ का प्रकोप बढ़ जाएगा जिससे वैश्विक तबाही मचेगी आइए जानते हैं एक एक करके भविष्य मालिका 2024 की भविष्यवाणियाँ सभी के बारे में!

महामारी और प्राकृतिक आपदाएँ

Bhavishya Malika में भविष्यवाणी की गई है कि 2024 के बाद एक नई महामारी आएगी जो कोरोना से भी ज्यादा घातक होगी यह महामारी वैश्विक स्तर पर जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित करेगी इसके साथ ही प्राकृतिक आपदाओं की संख्या और तीव्रता में भी वृद्धि होगी। भूकंप, साइक्लोन और बाढ़ जैसी घटनाएँ अधिक बार और अधिक विनाशकारी रूप में प्रकट होंगी।

भूकंप पृथ्वी के विभिन्न हिस्सों में भारी तबाही मचाएंगे जिससे हजारों लोगों की जानें जाएंगी और लाखों लोग बेघर हो जाएंगे। साइक्लोन और तूफानों के कारण समुद्र तटीय क्षेत्रों में भारी नुकसान होगा जिससे व्यापक स्तर पर संपत्ति का विनाश होगा और कई लोग विस्थापित होंगे।

इन आपदाओं के परिणामस्वरूप वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर पड़ेगा। स्वास्थ्य सेवाओं पर अत्यधिक दबाव बढ़ जाएगा और कई देशों में स्वास्थ्य व्यवस्थाएँ चरमरा जाएंगी इस स्थिति में भोजन और पानी की कमी जैसी समस्याएँ भी उत्पन्न होंगी जिससे मानव जीवन और अधिक कठिन हो जाएगा।

तीसरा विश्व युद्ध की भविष्यवाणी

Bhavishya Malika के अनुसार 2024 के बाद दुनिया तीसरे विश्व युद्ध की चपेट में आ जाएगी इस भविष्यवाणी में कहा गया है कि चीन 13 मुस्लिम देशों के साथ मिलकर भारत पर हमला करेगा यह युद्ध अत्यंत विनाशकारी होगा और इसके परिणामस्वरूप दुनिया भर में व्यापक तबाही मचेगी। युद्ध की अवधि छह साल और छह महीने की होगी जिसमें अनगिनत जान-माल का नुकसान होगा।

इस युद्ध के दौरान आधुनिक हथियारों और सैन्य तकनीकों का व्यापक उपयोग होगा जिससे मानवता को अभूतपूर्व संकट का सामना करना पड़ेगा। युद्ध के कारण कई देशों की अर्थव्यवस्थाएँ चरमरा जाएंगी और वैश्विक स्तर पर अशांति और अस्थिरता फैलेगी इस दौरान लाखों लोग विस्थापित होंगे और शरणार्थी संकट उत्पन्न होगा।

भविष्य मालिका की इस भविष्यवाणी में यह भी कहा गया है कि अंततः भारत इस युद्ध में विजयी होगा। भारत की सेना और जनता की एकता और साहस के बल पर यह जीत संभव होगी यह जीत न केवल भारत के लिए बल्कि पूरी मानवता के लिए एक नई आशा की किरण साबित होगी।

जलवायु परिवर्तन की भविष्यवाणी

Bhavishya Malika में 2024 के बाद जलवायु परिवर्तन के गहरे और विनाशकारी प्रभावों की भविष्यवाणी की गई है इसमें कहा गया है कि सूरज से सोलर फ्लेयर निकलेंगे जो अत्यंत शक्तिशाली होंगे और पूरी दुनिया को प्रभावित करेंगे ये सोलर फ्लेयर इतने प्रबल होंगे कि वे पृथ्वी की विद्युत प्रणालियों को बाधित कर देंगे जिससे वैश्विक स्तर पर बिजली का संकट उत्पन्न हो जाएगा।

इस संकट के परिणामस्वरूप रेडियो और इंटरनेट सेवाएँ ठप हो जाएँगी। संचार प्रणालियों के ठप होने से वैश्विक संचार व्यवस्था में भारी अव्यवस्था फैल जाएगी। इंटरनेट और रेडियो सेवाओं की अनुपस्थिति में सूचना का आदान-प्रदान लगभग असंभव हो जाएगा जिससे आर्थिक और सामाजिक जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।

दुनिया भर में ब्लैकआउट जैसी स्थिति उत्पन्न होगी जिससे लाखों लोग प्रभावित होंगे। बिजली की कमी से अस्पताल, उद्योग, और अन्य आवश्यक सेवाएँ ठप हो जाएँगी जिससे जनजीवन में अव्यवस्था और संकट की स्थिति पैदा होगी इस स्थिति से निपटने के लिए सरकारी और निजी संगठनों को अत्यधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

धार्मिक और सामाजिक परिवर्तन की भविष्यवाणी

भविष्य मालिका के अनुसार 2024 के बाद दुनिया में गहरे धार्मिक और सामाजिक परिवर्तन देखने को मिलेंगे कलयुग के अंत के नजदीक लोग धर्म से दूर हो जाएँगे। धार्मिक मान्यताएँ और आस्थाएँ कमजोर पड़ जाएँगी और लोग ईश्वर को भूलकर अधर्म की राह पर चलेंगे तथा समाज में नैतिकता का पतन होगा जिससे भ्रष्टाचार और अपराध में वृद्धि होगी।

धार्मिक गुरुओं और बड़ों का सम्मान समाप्त हो जाएगा व गुरु-शिष्य परंपरा कमजोर हो जाएगी और धर्मगुरु अपनी प्रामाणिकता खो देंगे इसके परिणामस्वरूप समाज में नैतिक और सांस्कृतिक गिरावट आएगी। धार्मिक स्थल और संतों का महत्व कम हो जाएगा और लोग धर्म को अपने जीवन से हटा देंगे।

सामाजिक संरचना में भी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे व लोग व्यक्तिगत लाभ और सुख की ओर अधिक आकर्षित होंगे जिससे समाज में स्वार्थ और आत्मकेंद्रितता का विकास होगा इस समय में समाज में आपसी सहयोग और सामंजस्य की भावना घटेगी और लोग अपने हितों के लिए दूसरों का शोषण करेंगे।

कलयुग का अंत की भविष्यवाणी

भविष्य मालिका के अनुसार 2032 में कलयुग का अंत होगा और सतयुग की शुरुआत होगी इस महत्वपूर्ण परिवर्तन के संकेत जगन्नाथ मंदिर से जुड़े होंगे जो उड़ीसा में स्थित है। संत अच्युतानंद दास द्वारा लिखित इस ग्रंथ में कई घटनाओं का उल्लेख किया गया है जो कलयुग के अंत का संकेत देंगी।

एक प्रमुख संकेत यह है कि जगन्नाथ मंदिर के ध्वज में आग लगना यह घटना 26 मार्च 2020 को घटित हुई थी जब मंदिर के ध्वज में अचानक आग लग गई थी इसे कलयुग के अंत का महत्वपूर्ण संकेत माना गया था दूसरा संकेत यह है कि पंछियों का मंदिर के आसपास बैठना। पहले कई सदियों तक जगन्नाथ मंदिर के ऊपर कोई पंछी नहीं बैठता था लेकिन 2019 के बाद से यह दृश्य आम हो गया है इसे भी कलयुग के अंत का संकेत माना गया है।

इसके अतिरिक्त Bhavishya Malika में बताया गया है कि जब शनि ग्रह मीन राशि में प्रवेश करेगा तब दुनिया में बड़े बदलाव होंगे। 30 मार्च 2025 को शनि मीन राशि में प्रवेश करेगा जो आने वाले परिवर्तनों का संकेत है इन घटनाओं के माध्यम से भविष्य मालिका कलयुग के अंत और सतयुग की शुरुआत की भविष्यवाणी करती है।

Bhavishya Malika की भविष्यवाणियाँ हो चुकी है सच

भविष्य मालिका की भविष्यवाणियों को समझना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है इसे पहेलियों के रूप में लिखा गया है जिनमें आने वाली घटनाओं का संकेत छिपा हुआ है इन पहेलियों को सही तरीके से डिकोड करना हर किसी के बस की बात नहीं है। संत अच्युतानंद दास ने इस ग्रंथ को एक विशेष शैली में लिखा था जिसे समझने के लिए गहरी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समझ की आवश्यकता होती है।

भविष्य मालिका की कई भविष्यवाणियाँ समय-समय पर सही साबित हुई हैं जिससे इसकी विश्वसनीयता बढ़ जाती है उदाहरण के लिए कोरोना महामारी की भविष्यवाणी, जगन्नाथ मंदिर के ध्वज में आग लगना और अन्य प्राकृतिक आपदाओं का उल्लेख इस ग्रंथ में पहले से किया गया था। इन घटनाओं की सटीकता ने भविष्य मालिका को एक अद्वितीय और महत्वपूर्ण ग्रंथ बना दिया है।

हालांकि इसके बावजूद कई लोग इस ग्रंथ की सत्यता पर संदेह करते हैं इसका मुख्य कारण यह है कि इसके अधिकांश भाग पहेलियों के रूप में हैं जिन्हें अलग-अलग लोग अलग-अलग तरीकों से डिकोड करते हैं इससे विभिन्न व्याख्याएँ सामने आती हैं जिनमें से कुछ सही होती हैं और कुछ नहीं।

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