Bhagavad Gita-भगवद गीता पढ़े और सफ़ल बने

भगवदगीता हिंदू धर्म के पवित्र ग्रन्थों में से एक हैं जिसे मनुष्य के जीवन का सार माना जाता हैं आज से लभगभ 5,000 वर्ष पहले भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को उपदेश दिया था जिसे भगवदगीता(Bhagavad Gita) के नाम से जाना जाता हैं और इसे श्रीमद्भगवद्गीता व गीतोपनिषद् भी कहा जाता है।

अक़्सर मन में यह सवाल आता है कि ज़िन्दगी क्या हैं और हमारे जीवन का उद्देश्य क्या हैं या फ़िर मौत के बाद क्या होता है आदि तो आपको श्रीमद्भागवत गीता को पढ़ना चाहिए क्योंकि इसमें जीवन के सभी सवालों के जवाब दिये गए है।

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हिन्दू ग्रन्थों के अनुसार गांगा में स्नान करने से हमारे सभी पाप दुल जाते हैं जोकि श्री कृष्ण के पैरों से निकली हैं जबकि भगवदगीता(Bhagavad Gita) श्री कृष्ण के मुख से निकली हैं इसलिए श्रीमद्भागवत गीता को जीवन मे अवश्य पढ़ना चाहिए।

भगवदगीता में जीवन का अनमोल ज्ञान दिया गया है इसलिए इसे वैज्ञानिक, मनस्विद, राजनीतिज्ञ, संन्यासी, दार्शनिक, शिक्षक या विद्यार्थी कोई भी हो सभी को जीवन मे भगवदगीता को ज़रूर पढ़ना चाहिए जिसे आप अपने जीवन को औऱ बेहतर बना सकते हैं क्योंकि यह जीवन के हर मोड़ पर मार्गदर्शन करती है।

आज हम आपको भगवदगीता(Bhagavad Gita) के बारे में बता रहे हैं औऱ अगर आप जिंदगी के हर पहलू को जाना चाहते है तो आपको भगवद गीता का अध्ययन करने की आवश्यकता हैं तो चलिए भगवद गीता के बारे में जानते हैं।

भगवदगीता(Bhagavad Gita) की जानकारी

महाभारत युद्ध के दौरान अर्जुन अपने सामने शत्रु के रूप में अपने सगे-संबंधियों को देखकर विचलित हो जाता हैं औऱ युद्ध नहीं करने को कहता हैं तब भगवान श्री कृष्ण द्वारा भगवद्गीता का उपदेश दिया जाता हैं जिसे श्रीमद्भगवद्गीता औऱ गीतोपनिषद् भी कहते हैं।

भगवान श्री कृष्ण ने सर्वप्रथम यह उपदेश सूर्यदेव को दिया था और सूर्यदेव ने मनु, मनु ने इक्ष्वाकु को दिया था इस प्रकार यह योगपद्धति चली आ रही थी लेक़िन कालान्तर में यह छिन-भिन्न हो गयी थीं इसलिए श्री कृष्ण द्वारा कुरुक्षेत्र में अर्जुन को यह उपदेश दुबारा दिया गया।

कुरूक्षेत्र में गीता का उपदेश न केवल अर्जुन को ही मिला बल्कि यह 3 औऱ लोगों ने सीधें भगवान श्री कृष्ण से ग्रहण किया। पहले संजय जिनको दिव्य दृष्टि दी गईं थी ताकि वह कुरुक्षेत्र युद्ध मे होने वाली सभी घटनाओं को राजा धतराष्ट्र को बता सकें।

दूसरे हनुमानजी जोकि अर्जुन के रथ पर विराजमान थे औऱ तीसरे बर्बरीक जोकि घटोत्कच का पुत्र था वह यह सब एक पहाड़ी के ऊपर से देख रहा था इस प्रकार लगभग 5,000 वर्षों पहले भगवदगीता(Bhagavad Gita) का उपदेश दिया गया था जिसमें मानव जीवन का सार दिया गया हैं।

भगवदगीता(Bhagavad Gita) को समस्त ग्रन्थों में सवश्रेष्ठ माना गया है गांधी जी कहते है कि “जब कभी संदेह मुझे घेरते हैं और मेरे चेहरे पर निराशा छाने लगती है तो मैं क्षितिज पर गीता रूपी एक ही उम्मीद की किरण देखता हूं” औऱ आइंस्टाइन कहते हैं कि मुझे अफसोस हैं कि मैंने अपने यौवन में इस ग्रन्थ के बारे में नहीं जान सका वर्ना मेरे जीवन की दिशा कुछ और होती।

भगवदगीता(Bhagavad Gita) में 18 अध्याय दिये गए हैं जिसमे आपको कुल 700 छंद मिलते हैं श्रीमद्भागवत गीता को मूलतः संस्कृत भाषा मे लिखा गया है जिसे 175 भाषाओं में अनुवादित किया जा चुका है जैसे अरबी, चीनी, रूसी, स्पेनिश, इतालवी, जापानी, कोरियाई, फारसी, डच, फ्रेंच, जर्मन, उर्दू इंग्लिश इत्यादि।

भगवदगीता(Bhagavad Gita) गीता अध्याय

1. पहला अध्याय- कुरुक्षेत्र के युद्धस्थल में सैन्य निरीक्षण
2. दूसरा अध्याय- गीता का सार
3. तीसरा अध्याय- कर्मयोग
4. चौथा अध्याय- दिव्य ज्ञान
5. पांचवा अध्याय- कर्मयोग कृष्णाभावनाभावित कर्म
6. छठा अध्याय- ध्यानयोग
7. सातवां अध्याय- भगवद्ज्ञान
8. आठवां अध्याय- भगवत्प्राप्ति
9. नौवां अध्याय- परम गुह्य ज्ञान
10. दशवां अध्याय- श्रीभगवान का ऐश्वर्य
11. ग्यारावां अध्याय- विराट रूप
12. बारहवाँ अध्याय- भक्तियोग
13. तेरहवा अध्याय- प्रकृति, पुरुष तथा चेतना
14. चौदहवा अध्याय- प्रकृति के तीन गुण
15. पन्द्रहवा अध्याय- परुषोत्तम योग
16. सोलहवां अध्याय- देवी तथा आसुरी स्वभाव
17. सत्रहवां अध्याय- श्रद्धा के विभाग
18. अठारहवां अध्याय- संन्यास की सिद्धि

श्रीमद्भागवत गीता(Bhagavad Gita) क्यों पढ़े

हमारे ग्रन्थों में मनुष्य योनि को सबसे सवश्रेष्ठ बताया गया हैं लेक़िन मानव जीवन बहुत कठिनाइयों से गुजरता हैं हमें हर मोड़पर अनेकों परेशनियों का सामना करना पड़ता हैं जो हमारे जीवन को उथलपुथल कर देती है औऱ इन्ह समस्या का समाधान ढूंढना बेहद कठिन होता हैं।

इसलिए हमें श्रीमद्भागवत गीता को पढ़ना चाहिए क्योंकि यह मानव जीवन का सार है जिसमें मनुष्य के हर सवाल का जवाब मिलता हैं और भगवदगीता को समस्त ग्रन्थों में सवश्रेष्ठ माना गया है इसलिए समस्त ग्रन्थों को पढ़ने के बजाय आप केवल श्रीमद्भागवत गीता को पढ़ सकते है।

भगवदगीता(Bhagavad Gita) एक ऐसी क़िताब है जिसकों हर क्षेत्र का व्यक्ति पढ़ सकता हैं जैसे वैज्ञानिक, मनस्विद, राजनीतिज्ञ, संन्यासी, दार्शनिक, शिक्षक या विद्यार्थी कोई भी हो सभी को जीवन मे भगवदगीता को ज़रूर पढ़ना चाहिए ताकि आप अपने जीवन को बेहतर तरीके से समझ सको औऱ बेहतर बना सको।

माना जाता है कि अगर आपके घर मे भगवद्गीता है तो यह आपके घर मे सुखः, शांति औऱ तरक्की को लेकर आती हैं इसलिए आप इस किताब का अध्ययन करो या न करो लेकिन यह आपके घर मे अवश्य होनी चाहिए इसलिए पहले अभी इसे ख़रीदे जिसका मूल्य 150-200 रुपये तक मिलता है।

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श्रीमद्भागवत गीता(Bhagavad Gita) से हमें क्या सीखनें को मिलता है

भगवदगीता(Bhagavad Gita) में 13 अध्याय हैं जिसमें लगभग ६९८ से ज्यादा पन्ने हैं औऱ हर श्लोक का अर्थ प्रत्येक व्यक्ति के लिए भिन्न-भिन्न हो सकता है इसलिए भगवद्गीता में क्या सिखाया गया हैं यहाँ पर बताना मुमकिन नहीं है लेकिन हम आपको कुछ ऐसी बातों के बारे में बतायेंगे जिसे आप भगवद्गीता पढ़कर अपने जीवन मे सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

इन्द्रियों पर नियंत्रण

आज के दौर में मनुष्य का अपनी इन्द्रियों पर कोई बस नहीं चलता यही कारण है कि वह हर क्षण अपनी इंद्रियों के आदेशों का पालन करता रहा हैं जबकि वह स्वयं मालिक हैं इसलिए अगर आपको भी अपनी इन्द्रियों पर नियंत्रण करना सीखना हैं तो आपको यह क़िताब पढ़नी चाहिए क्योंकि भगवद् गीता में बताया गया है कि कैसे आप अपनी इन्द्रियों पर नियंत्रण कर सकते हैं।

हर समस्या का समाधान

भगवान श्री कृष्ण के मुख से निकले गये श्लोको में मानव जीवन का पूरा सार है अर्थात भगवद् गीता में मानव जीवन का सम्पूर्ण ज्ञान दिया गया हैं जिसे आपको अपने जीवन की हर समस्या का समाधान मिलता हैं।

जीवन को जीने की कला

अक़्सर हमारे मन में सवाल उत्पन्न होते है कि हमारे जीवन का क्या उद्देश्य हैं और हमें अपने जीवन मे क्या करना चाहिए जीवन की हर परिस्थिति में यह आपका मार्गदर्शन करती हैं और आपको जीवन जीना का सही तरीका बतलाती हैं तो अगर आप अपने जीवन के बारे में विस्तार से जानने के इछुक है तो यह किताब आपकी मद्त करेगी।

धर्म औऱ कर्म का ज्ञान

भगवदगीता(Bhagavad Gita) एक धार्मिक किताब हैं जो आपको धर्म और कर्म के बारे में विस्तार से बताती हैं औऱ आज के युग मे धर्म और कर्म का ज्ञान होना आवश्यक हैं ताकि आप धर्म का पालन करने के साथ अपने कर्म कर सकें।

सफलता के सूत्र

बहुत सारे लोगों का माना है कि भगवदगीता(Bhagavad Gita) में हमें सफलता के सूत्रों के बारे में बताया गया हैं इसलिए इस क़िताब को वैज्ञानिक, मनस्विद, राजनीतिज्ञ, संन्यासी, दार्शनिक, शिक्षक या विद्यार्थी सभी के लिए अनमोल उपहार माना जाता हैं।

भगवद गीता कैसे-कहाँ से पढ़े

आज इंटरनेट के दौर में आप भगवदगीता(Bhagavad Gita) को कई तरीकों से पढ़ सकतें हैं इसके लिए आप डिजिटल और ट्रेडिशनल किसी भी माध्यम का इस्तेमाल कर सकतें हैं हम आपको तीन तरीकों के बारे में बता रहें है जिसका इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता हैं

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किसी भी क़िताब को पढ़ने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि आप उसे ख़रीद लें औऱ ख़ासकर भगवदगीता(Bhagavad Gita) जैसी क़िताब को तो आपको ख़रीद ही लेना चाहिए क्योंकि आप इसको जितनी बार पढ़ते है तो आपको हर श्लोक की बातों को और बारीक़ी से समझने में मद्त मिलती हैं।

औऱ इस बुक का तभी अच्छे से अध्ययन किया जा सकता है जब आप इसे दुबारा-दुबारा पढ़ते हैं इसलिए भगवद् गीता को पढ़ने का सबसे सही तरीका है कि आप इसे ख़रीद लें यह बुक आपको 150-200 रुपये तक मिल जाती हैं नीचे लिंक पर क्लिक करके अभी ख़रीदे।

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माना जाता है कि अगर आपके घर मे भगवदगीता(Bhagavad Gita) है तो यह आपके घर मे सुखः, शांति औऱ तरक्की को लेकर आती हैं इसलिए आप इस किताब का अध्ययन करो या न करो लेकिन यह आपके घर मे अवश्य होनी चाहिए।

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आज इंटरनेट के दौर में आप अपने मोबाइल की मद्त से भी किसी भी बुक को पढ़ सकतें हैं इसलिए आज गूगल प्ले स्टोर में आपको बहुत सारी एप्लीकेशन मिल जाती है जो भगवदगीता(Bhagavad Gita) बुक को पढ़ने के लिए प्रदान करती हैं हम आपको उन्ह सभी गूगल प्ले स्टोर अप्प के बारे में बता रहे है जिनका इस्तेमाल इसके लिए सबसे अधिक किया जाता है।

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आज आपको इंटरनेट पर भगवदगीता(Bhagavad Gita) को free में PDF के रूप में डाउनलोड करने के लिए प्रदान किया जाता हैं हो सकता हो कि आप यहां भी Bhagvad Gita PDF Download करने के लिए इस आर्टिकल को पढ़ रहे हो लेकिन हम आपको बता दें कि भगवद गीता एक ऐसी क़िताब का जिसका असल ज्ञान तभी प्राप्त किया जा सकता हैं जब आप सही तरीके से इस क़िताब का अध्ययन करते हैं।

इसलिए हम आपको यहां पर कोई Bhagvad Gita PDF Download Link नही प्रदान कर रहें और यह बिल्कुल गलत तरीके हैं और ख़ासकर भगवद गीता जैसी किताब को पढ़ने के लिए इसलिए अगर आप सही मायनों में इस अनमोल ज्ञान को पाना चाहते हैं तो इसे अभी ख़रीदे।

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तो दोस्तों उमीद करता हूं कि आपको हमारा यह आर्टिकल भगवदगीता(Bhagavad Gita) Book की जानकारी काफ़ी पसंद आया होगा औऱ इस आर्टिकल को पढ़कर आपको इस बुक के बारे में जानने में मद्त मिली होंगी।

हमारा माना तो यही है कि आपको जीवन मे एक बार इस बुक को अवश्य पढ़ना चाहिए क्योंकि किताबें आपको जो ज्ञान प्रदान कर सकती हैं उसकी तुलना किस औऱ से नही की जा सकती।

तो अगर आपको हमारा आर्टिकल अच्छा लगता हैं तो इसे अपने उन्ह दोस्तों के साथ जरूर Share करें जो लोग किताबें पढ़ने का शौक ऱखते हैं और अगर आपका कोई सवाल या आर्टिकल के बारे में कोई राय है तो हमें कमेंट बॉक्स के माध्यम से बतायें हर जानकारी अपनी भाषा हिंदी में सरल शब्दों में प्राप्त करने के हमारे फेसबुक पेज को लाइक करे जहाँ आपको सही बात पूरी जानकारी के साथ प्रदान की जाती है हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें

4 COMMENTS

  1. श्रीमद्भागवत गीता का ज्ञान न सिर्फ मन को स्थिर करता है बल्कि हमे जीने की कला भी सिखाता है । अध्यात्म जीवन का आधार है और वेद हमारे शिक्षक । हमे इस पवित्र ग्रंथ का अध्यन हमें अवश्य करना चाहिए । इस पुस्तक को जरूर खरीदें और पढ़ें ।

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