Full Form: IPS क्या है और कैसे बने सम्पूर्ण जानकरी

सरकारी नौकरी ऐसी नौकरी होती है जहाँ पर आपको सारी सुख सुविधा मिलती है इसलिए अक्सर लोग सरकारी नौकरी की ऊँची से ऊँची पोस्ट प्राप्त करना चाहते हैं औऱ IPS की नौकरी भी सरकारी नौकरी में उच्च प्रशासनिक पद होता हैं इसलिए IPS Full Form से लेकर IPS क्या होता हैं यह काफ़ी खोजा जाता है।

कुछ लोग सरकारी नौकरी करके देश की सेवा भी करना चाहते हैं इसलिए ऐसे लोगों का सपना आईएएस, आईपीएस, आईएफएस बनने का होता है क्योंकि यह पोस्ट सरकारी होने के साथ-साथ सरकार की तरफ से दी गयी बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी भी होती है।

Full Form IPS Kya hai IPS kaise bane Hindi

वैसे तो IPS बनना आसान नही है और लाखों लोग हर साल आईपीएस बनने के लिए सिविल सेवा की परीक्षा में शामिल होते हैं लेकिन कुछ ही लोग अपना आईपीएस बनने का सपना साकार कर पाते हैं जिसके लिए बहुत मेहनत, लगन व तपस्या करने की आवश्यकता होती हैं।

एक आईपीएस(IPS) बनने के बाद सरकार की तरफ से आपको बहुत सारी सुविधाएँ भी मिलती हैं औऱ माँ-बाप का नाम रौशन होता है एक आईपीएस पूरे पुलिस डिपार्टमेंट का हेड होता है और उसके पास पुलिस डिपार्टमेंट की पूरी पॉवर होती है।

इसलिए आज हम आपको आईपीएस(IPS) क्या होता है? आईपीएस ऑफिसर कैसे बने? इस बारे में जरूरी जानकारी देने वाले हैं अगर आपको आईपीएस के बारे में जानकारी नही है तो इस पोस्ट को पढने के बाद आईपीएस के बारे में जानने में बहुत मद्त मिलेंगी।

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IPS Full Form क्या हैं

Full Form IPS यानी आईपीएस का पूरा नाम “India Police Service” होता है जिसे हिंदी भाषा मे भारतीय पुलिस सेवा कहा जाता हैं पुलिस का काम समाज मे कानूनी व्यवस्था को बनाये रखना तथा समाज मे बढ़ते अपराधों को कम करना हैं।

IAS व IPS दोनों ही उच्च प्रशासनिक पद होता हैं और इसकी परीक्षा UPSC द्वारा हर साल आयोजित की जाती है पुलिस डिपार्टमेंट में कई पद होते हैं और अलग-अलग रैंक के अनुसार पद दिए जाते हैं IPS पूरे पुलिस डिपार्टमेंट का हेड होता है और उसके पास पुलिस डिपार्टमेंट की पूरी पॉवर होती है।

IPS-आईपीएस क्या है

एक IPS सभी पुलिस अधिकारियों का सबसे प्रमुख होता है यह एक सम्मानित और प्रतिष्ठत पद है एक आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) भारत की मुख्य तीन नागरिक सेवाओं (IAS, IPS और IFS) में से एक है इसकी स्थापना 1948 में की गयी थी। 

आईपीएस अधिकारियों के कैडर को गृह मंत्रालय द्वारा नियंत्रित किया जाता है आईपीएस का फुल फॉर्म इंडियन पुलिस सर्विस(Indian Police Service -IPS) होता है आईपीएस एक अखिल भारतीय सेवा है। 

IPS बनना आसान नही है और इसके लिए बहुत सी परीक्षाओं और कड़ी ट्रेनिंग से होकर गुजरना पड़ता है एक आईपीएस को अपने कानून और लोगों के विश्वास के प्रति सजग रहना पड़ता है। 

आईपीएस(IPS) कैसे बने 

IPS बनने के लिए UPSC यानी संघ लोग सेवा आयोग द्वारा कराई जाने वाली सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास करनी होती है संघ लोग सेवा आयोग की परीक्षा प्रत्येक साल होती है और यह परीक्षा कई चरणों में होती है। 

यह बहुत मुश्किल परीक्षा होती है एग्जाम पास करने के बाद इंटरव्यू होता है जिसमे बहुत ही कम लोग सफल हो पाते हैं परीक्षा में सफल होने के बाद उमीदवार को ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है ट्रेनिंग पूरी होने के बाद ही लोग IPS, IAS, IRS, IFS बन पाते हैं।

इसके आलावा स्टेट PSC एग्जाम पास करके भी आईपीएस अफसर बन सकते हैं स्टेट लेवल का एग्जाम पास करने के बाद SP(सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) बनने के लिए कम से कम 10 साल का समय लग जाता है। 

आईपीएस(IPS) क्या काम करता है

एक IPS का काम केंद्र/राज्य में कानून व्यवस्था को बनाये रखना होता है वह सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में काम करते हुए अपने वरिष्ठ अधिकारी पुलिस अधीक्षक(SP), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक(SSP) और उप महानिदेशक(DIG) के प्रति जवाबदेहिता रखता है।

एक IPS भ्रष्टाचार के मामले, सार्वजनिक जीवन, लोक शांति व्यवस्था, अपराध की रोकथाम, जांच और पहचान, VIP की सुरक्षा, तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, आर्थिक अपराध, आपदा प्रबंधन, सामाजिक-आर्थिक कानून, जैव विविधता, और पर्यावरण क़ानूनों आदि के संरक्षण आदि पर विशेष ध्यान देना होता है।

तेजी से बदलते सामाजिक और आर्थिक परिवेश में लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप, कानून और न्याय, अखंडता, सवेंदन शीलता, मानव अधिकार इत्यादि की रक्षा करना और जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बढाने में IPS अधिकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आईपीएस(IPS) बनने की योग्यता 

एक IPS बनने के लिए आपके निम्नलिखित योग्यता होनी चाहिए तभी आप आईपीएस बनने के लिए UPSC द्वारा कराई जाने वाली सिविल सर्विसेज की परीक्षा में बैठ सकते हैं।

1. शैक्षिक योग्यता 

IPS बनने के लिए आपके पास किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए अगर आप ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष में हो तो भी आप इस परीक्षा में बैठ सकते हैं।

यहाँ पर इस चीज से फर्क नही पड़ता है की आपने कौन सी यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है लेकिन आप ग्रेजुएट होने चाहिए और वह यूनिवर्सिटी एक मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी होनी चाहिए। 

2. फिजिकल योग्यता 

-लम्बाई – आईपीएस में चयनित होने के लिए पुरुष (जनरल/OBC केटेगरी) की लम्बाई कम से कम 165CM और  महिला (जनरल/OBC केटेगरी) की लम्बाई कम से कम 150 CM होनी चाहिए।

-SC/ST वर्ग के पुरुषो की लम्बाई कम से कम 160 CM और महिला वर्ग की लम्बाई कम से कम 145 CM होनी चाहिए।

-चेस्ट – आईपीएस के लिए पुरुषों की छाती से कम 84CM (साथ ही 5 CM का फुलाव) और महिलाओं का चेस्ट कम से कम 79CM (साथ ही 5 CM का फुलाव) होना चाहिए। 

-नज़र(आई साईट) – महिला और पुरुष दोनों के लिए 6/6 या 6/9 दूर द्रष्टि और कमजोर आँखों का विजन 6/12 और 6/9 होना चाहिए।

3. आयु सीमा   

-आयु सीमा 21-32 वर्ष होनी चाहिए। 

-इसमें OBC को 3 साल की छूट 

-आरिक्षित वर्ग (ST/SC) को 5 साल की छूट मिलती है।

4. राष्ट्रीयता  

IPS बनने के लिए आप भारत के नागरिक होने चाहिए अगर आप नेपाल और भूटान के नागरिक है तो भी आईपीएस का फॉर्म भरकर परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

5. नंबर ऑफ़ एटेम्पट (प्रयासों की संख्या) 

-सामान्य वर्ग के लिए प्रयासों की संख्या 6 बार (32 साल के होने तक)

-OBC के लिए 9 बार (35 साल के होने तक)

-आरक्षित वर्ग(ST/SC) के लिए प्रयासों की कोई सीमा नही है (37 साल के होने तक)

-शारीरिक दक्षता वर्ग (जनरल ) के लिए प्रयासों की संख्या 9 बार 

-शारीरिक दक्षता वर्ग (OBC/SC/ST) के प्रयासों की कोई सीमा नही है।

IPS EXAM की जानकारी 

आईपीएस एग्जाम सिविल सर्विसेज एग्जाम(CSE) का ही एक भाग है जो की UPSC (Union Public Service Commission) प्रत्येक साल ये एग्जाम करवाती है।

IPS बनने के लिए आपको Preliminary Exam (प्रारंभिक परीक्षा), Main Exam(मुख्य परीक्षा) और Interview (साक्षात्कार)/पर्सनालिटी टेस्ट से होकर गुजरना पड़ता है यह परीक्षा किस तरह से और कितने समय की होती है आइये जानते हैं।  

1. Preliminary Exam (प्रारंभिक परीक्षा)

यह IPS बनने के लिए परीक्षा का पहला चरण है इसके भी दो भाग होते हैं सामान्य अध्ययन (GS-1) और CSAT (GS-2) इस परीक्षा में ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाते हैं और दोनों परीक्षा 200-200 मार्क्स की होती है।

दोनों परीक्षा की अवधि दो दो घंटे की होती है इस परीक्षा में आपको उतीर्ण होने के लिए पेपर 2nd में कम से कम 33% मार्क्स लाने होते हैं तथा इस परीक्षा के मार्क्स फाइनल मार्क्स में नही जोड़े जाते हैं।

इस परीक्षा में उतीर्ण होने के बाद आप अगले स्तर की परीक्षा में बैठने के योग्य हो जाते हैं अगली परीक्षा को मुख्य परीक्षा कहा जाता है।

2. Main Exam(मुख्या परीक्षा)

यह परीक्षा एक लिखित परीक्षा होती है और इस परीक्षा में कुल 9 पेपर होते हैं इस परीक्षा को दो भागों पर विभाजित किया गया है।

-क्वालीफाइंग पेपर – इसमें दो पेपर होते हैं और दोनों पेपर के 300-300 मार्क्स निर्धारित होते हैं लेकिन इन मार्क्स को फाइनल मार्क्स में नही जोड़ा जाता है।

-मेरिट पेपर – इसमें 7 पपेर होते हैं और सभी पेपर 250-250 मार्क्स के होते है यानि सभी पेपर कुल 1750 मार्क्स के होते है।

3. साक्षात्कार (Interview)/पर्सनालिटी टेस्ट 

प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा होने के बाद साक्षात्कार(Interview) के लिए बुलाया जाता है इसे पर्सनालिटी टेस्ट भी कहा जाता है इंटरव्यू की अवधि तकरीबन 40-45 मिनट की होती हैं इंटरव्यू क्लियर करने के बाद आपको आईपीएस की 3 साल ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता हैं और ट्रेनिंग कम्पलीट होने के बाद आप आईपीएस अधिकारी बन जाते है।

IPS Syllabus की जानकारी 

आईपीएस बनने के लिए तीन चरणों की परीक्षा से होकर गुजरना पड़ता है।

1. Preliminary Exam (प्रारंभिक परीक्षा)
2. Main Exam(मुख्य परीक्षा)
3. Interview (साक्षात्कार)/पर्सनालिटी टेस्ट

1. प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam) सिलेबस 

पेपर 1- इस पेपर में राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय, समसामयिक विषय, भारतीय इतिहास और भारतीय राष्‍ट्रीय आंदोलन, भारत और विश्‍व का भूगोल, भारतीय राज तंत्र और गवर्नेंस (संविधान, पॉलिटिकल सिस्‍टम, पंचायती राज, पब्लिक पॉलिसी), आर्थिक और सामाजिक विकास (सस्‍टेनेबल डवलपमेंट, गरीबी, जनसंख्‍या), इनवायरमेंटल इकोलॉजी, बायो-डायवर्सिटी, क्‍लाइमेट चेंज और जनरल साइंस जैसे विषयों से ऑब्‍जेक्टिव सवाल पूछे जाते हैं। 

पेपर 2- इस पेपर में कॉम्प्रिहेंशन, इंटर पर्सनल स्किल्‍स, लॉजिकल रीजनिंग और एनालिटिकल एबिलिटी, डिसिजन मेकिंग और प्रॉब्‍लम सॉल्विंग, जनरल मेंटल एबिलिटी, बेसिक न्‍यूमरेसी और डेटा इंटरप्रिटेशन (चार्ट, ग्राफ, टेबल) से संबंधित सवाल पूछे जाते हैं।

2. मुख्य परीक्षा (Main Exam) सिलेबस 

जैसा की आपको पहले भी बताया इस परीक्षा को पास करने के लिए 9 पेपर देने होते हैं आइये जानते हैं इनके सिलेबस के बारे में।

-क्वालीफाइंग पेपर्स (Qualifying Papers)

पेपर 1: Modern Indian Language- 300 मार्क्स 

-उम्मीदवारों को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल की गयी किसी भी एक भाषा का चुनाव करुंगा होगा।

-चुनी गयी भाषा में आपको पैसेज, राइटिंग, वोकेबुलरी, निबंध और इंग्लिश ट्रांसलेशन जैसे प्रश्न आते हैं।

पेपर 2: (अंग्रेजी) English- 300 मार्क्स 

-इस पेपर में आपसे इंग्लिश भाषा में पैसेज, राइटिंग, वोकेबुलरी, निबंध और इंग्लिश ट्रांसलेशन जैसे प्रश्न आते हैं।

-मेरिट बेस पेपर (इन प्रश्न पत्रों से आपकी मेरिट बनेगी)

पेपर 1:  निबंध (Essay)- 250 मार्क्स 

-किसी भी दिए गये टॉपिक पर निबंध लिखना होगा (करंट इशू) 

पेपर 2: सामान्य अध्ययन 1- 250 मार्क्स 

-भारतीय विरासत और संस्कृति ( Indian Heritage and Culture)

-विश्व का इतिहास और भूगोल तथा समाज (Geography of the World and society)

पेपर 3: सामान्य अध्ययन 2- 250 मार्क्स 

-संविधान शासन प्रणाली(Constitution)

-शासन व्यवस्था(Governance)

-राजनीती(polity)

-सामाजिक न्याय(Social Justice)

-अन्तराष्ट्रीय समंध(International Relations)

पेपर 4: सामान्य अध्ययन 3- 250 मार्क्स 

-प्रोधोगिकी(Technology)

-आर्थिक विकास(Economic Development)

-जैव विविधता(Biodiversity)

-पर्यायवरण(Environment)

-सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन(Security and Disaster Management)

पेपर 5: सामान्य अध्ययन 4- 250 मार्क्स 

-नितिशास्त्र(General Studies)

-सत्यनिष्ठा(Ethics)

-अभिरुचि(Aptitude)

पेपर 6 और पेपर 7: ऑब्जेक्टिव सब्जेक्ट पेपर 1st & 2nd- 500 मार्क्स (टोटल)

एग्रीकल्‍चर-Agriculture)
एनिमल हस्‍बेंड्री और वेटनरी साइंस
पशुपालन एवं पशुचिकित्सा विज्ञान पाठ्यक्रम-Animal Husbandry and Veterinary Science Exam Syllabus)
मानव विज्ञान पाठ्यक्रम-Anthropology Exam Syllabus)
वनस्पति विज्ञान पाठ्यक्रम-Botany Exam Syllabus)
रसायन विज्ञान पाठ्यक्रम-Chemistry Exam Syllabus)
सिविल इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम-Civil Engineering Exam Syllabus)
वाणिज्य एवं लेखाविधि पाठ्यक्रम-Commerce and Accountancy Exam Syllabus)
अर्थशास्त्र पाठ्यक्रम-Economics Exam Syllabus)
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम-Electrical Engineering Exam Syllabus)
भूगोल पाठ्यक्रम-Geography Exam Syllabus)
भूविज्ञान पाठ्यक्रम-Geology Exam Syllabus)
इतिहास पाठ्यक्रम-History Exam Syllabus)
विधि पाठ्यक्रम-Law Exam Syllabus)
लॉ, मैनेजमेंट-Management)
मकेनिकल इंजीनियरिंग-Mechanical Engineering)
मेडिकल साइंस-Medical Science)
फिलॉसफी-Phisolophy)
फिजिक्‍स-Physics)
पॉलिटिकल साइंस और अंतरराष्‍ट्रीय संबंध-Political science and engineering subjects)
मनोविज्ञान-Psychology)
पब्लिक एडमिनिस्‍ट्रेशन-Public Administration)
समाजशास्त्र पाठ्यक्रम-Sociology Exam Syllabus)
सांख्यिकी-Statistics)
प्राणि विज्ञान-Zoology)
लोक प्रशासन पाठ्यक्रम-Public Administration (Pub-ad) Exam Syllabus)
यांत्रिकी इंजीनियरी पाठ्यक्रम-Mechanical Engineering Exam Syllabus)
चिकित्सा विज्ञान पाठ्यक्रम-Medical Science Exam Syllabus)
दर्शनशास्त्र पाठ्यक्रम-Philosophy Exam Syllabus)
भौतिक विज्ञान पाठ्यक्रम-Physics Exam Syllabus)

इसके अलावा  भाषा (असमिया, बंगाली, बोडो, डोगरी, गुजराती, हिंदी, कन्‍नड़, कश्‍मीरी, कोंकणी, मैथिली, मलयालम, मणिपुरी, संथाली, सिंधी, तमिल, तेलुगु, उर्दु और अंग्रेजी) में से किसी एक का चुनाव बतौर ऑप्‍शनल सब्‍जेक्‍ट कर सकते हैं।

आईपीएस का चयन किस आधार पर होता हैं।

जैसा की आपको पहले भी बताया भारतीय पुलिस सेवा (Indian Police Service – IPS) जिसे हम लोग आईपीएस भी कहते हैं इसका चयन प्रत्येक वर्ष UPSC द्वारा आयोजित “सिविल सेवा परीक्षा” के माध्यम से होता हैं।

परीक्षा में उतीर्ण लोगों को उनके कुल अंक और “सेवा वरीयता सूची” के आधार पर सेवा आवंटन किया जाता हैं और चयनित उम्मीदवारों को एक साल की ट्रेनिंग के लिए पहले मंसूरी और फिर हैदराबाद भेजा जाता हैं।

वहां पर भावी पुलिस अधिकारियों को भारतीय दंड संहिता, स्पेशल लॉ और क्रिमोनोलोगी की ट्रेनिंग दी जाती है इस ऑफिसर्स को फिजिकल ट्रेनिंग भी दी जाती है यहाँ पर भी परीक्षा होती है और उस परीक्षा को पास करना होता है इसके बाद ही उम्मीदवार का चयन सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में होता हैं।

आईएस और आईपीएस में क्या अंतर है

कई लोग IAS और IPS में अंतर नही मालूम होता है इस वजह से वो लोग आईएस और आईपीएस को लेकर कंफ्यूज रहते हैं की उनको किस पोस्ट के लिए पढाई करनी चाहिए।

-एक आईएएस का फुल फॉर्म इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस होता है यह सिविल सेवाओं का सबसे ऊँचा पद होता है इसके नीचे आईपीएस का पद होता है।

-एक IPS अपने क्षेत्र में कानून व्यवस्था को ठीक तरह से बनाये रखने और अपराध को रोकने की ज़िम्मेदारी लेता है वहीँ एक आईएएस अधिकारी संसद में बने कानून को राज्य में लागू करता है।

-एक आईपीएस एसपी (SP), DIG(डी आई जी), आई जी(IG) जैसे पदों पर नियुक्त होता है।

-एक आईएएस के तौर पर उम्मीदवार विभिन्न मंत्रालयों-विभागों या जिलों के मुखिया होते हैं।

-आईएएस का कोई ड्रेस कोड नही होता है वह हमेशा फॉर्मल ड्रेस में होते हैं लेकिन आईपीएस को हमेशा ड्यूटी के समय अपनी वर्दी में होना होता है।

-एक आईएएस के पास एक या दो अंगरक्षक मिलेंगे जबकि आईपीएस के साथ पूरी पुलिस फाॅर्स साथ में रहती है 
ट्रेनिंग के दौरान आइएएस की ट्रेनिंग में टॉप करने वाले को मैडल और आईपीएस ट्रेनिंग में टॉप करने वाले को Sword of Honour से सम्मानित किया जाता है।

-IPS की ट्रेनिंग आईएएस से ज्यादा मुश्किल होती है आईपीएस को घुड़सवारी, परेड, हथियार चलाना भी सिखाया जाता है।

आईपीएस(IPS) की सैलरी क्या होती है

एक IPS का वेतन सातवें वेतन के अनुसार 56,100 रुपये प्रति माह से लेकर 2,25,000 रुपये प्रति माह तक हो सकता हैयह सैलिरी विभिन्न पदों पर भिन्न-भिन्न होती है।

डेप्युटी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस
– 15,600-39,100 (Grade Pay Of 5,400)

अडिशनल सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस(डीएसपी)
-15,600-39,000 (Grade Pay 6,600)

सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसपी) या डेप्युटी कमिशनर ऑफ पुलिस(डीसीपी)
-15,600-39,000 (Grade Pay 7,600)

सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) या डेप्युटी कमिशनर ऑफ पुलिस(डीसीपी)
-15,600-39,000 (Grade Pay 8,700)

डेप्युटी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस या अडिशनल कमिशनर ऑफ पुलिस
-37,400-67,0000 (Grade Pay 8,900)

इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजीपी) या जॉइंट कमिशनर ऑफ पुलिस
-37,400-67,000 (Grade Pay 10,000)

अडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (एडीजीपी) या स्पेशल कमिशनर ऑफ पुलिस(एससीपी)
-37,400-67,000 (Grade Pay 12,000)

डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) या कमिशनर ऑफ पुलिस(सीपी)
-80,000 (No Grade Payment)

IAS और IPS में कौन ज्यादा पॉवरफुल है 

ये सवाल सिविल सेवा की तैयारी करने वाले प्रत्येक उम्मीदवार के मन में होता है वैसे तो ये दोनों ही पद सर्वोच्च हैं लेकिन आईएएस एक डीएम के रूप ज्यादा शक्तिशाली होता है।

डीएम के पद पर होने से एक आईएएस अधिकारी पुलिस अधिकारी के साथ-साथ अन्य विभागों का भी मुख्या होता है वही एक आईपीएस अधिकारी अपने पुलिस विभाग का मुख्य होता है और उसके उपर अपने विभाग की ज़िम्मेदारी होती है।

कई कारणों से आईएएस को आईपीएस से ज्यादा शक्तिशाली माना जाता है क्योंकि DGP के पद पर रहते हुए एक आईपीएस को गृह सचिव को रिपोर्ट करना होता है जबकि एक सचिव रैंक का अधिकारी आईएएस अधिकारी ही होता जिस वजह से आईपीएस, आईएएस को रिपोर्ट करते हैं।

उम्मीद करते हैं आपने इस आर्टिकल को पूरा पढ़ा होगा और इसे आपको IPS के बारे में पूरी जानकारी जरूर मिल गयी होगी साथ ही आप इस बात से भी वाकिफ़ हो चुके होंगे कि IPS Full Form से लेकर IPS क्या होता हैं

अंत अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया है और आपको लगता है कि वाकई में आपको यहाँ आकर कुछ सीखने को मिला है तो इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा शेयर कर दीजिये और अगर आपके मन में IPS के बारे में कोई सवाल या डाउट है तो कमेंट करें।

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