भारत का राष्ट्रपति कौन हैं 2021 में

हमारे भारत देश में प्रधानमंत्री का पद सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है परंतु प्रधानमंत्री के अलावा एक ऐसा पद भी हमारे देश में है जो हमारे देश का सबसे सर्वोत्तम पद माना जाता है वह भारत का राष्ट्रपति का पद होता है तथा भारत के राष्ट्रपति हर पांच साल बदल जाते है।

दुनिया के किसी भी देश को सही ढंग से चलाने के लिए सरकार का होना बहुत ही जरूरी होता है क्योंकि सरकार ही किसी भी देश के संविधान के अनुसार उस देश में कानून व्यवस्था को लागू करती है इसके लिए नीति और योजनाएं तैयार करती है।

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सरकार चलाने के लिए अक्सर व्यक्तियों का चुनाव किसी ना किसी राजनीतिक पार्टी से ही होता है अगर हम भारत की बात करें तो हमारे भारत में ऐसी कई राजनीतिक पार्टियां हैं जिनकी कई राज्यो में सरकार है वहीं कई ऐसी क्षेत्रीय पार्टियां भी हैं जो उनके स्टेट में एक मजबूत पार्टी का होल्ड रखती है।

हमारे देश में दो ऐसी राजनीतिक पार्टियां हैं जिनका इस समय पूरे देश के सबसे अधिक राज्यों पर कब्जा है जिसमें पहली पार्टी है भारतीय जनता पार्टी और दूसरी राजनीतिक पार्टी है इंडियन नेशनल कांग्रेस जिसे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भी कहा जाता है।

हम आपकों बता दे कि भारत के राष्ट्रपति का चुनाव आम जनता नहीं करती बल्कि आम जनता ने जिन्हें वोट देकर जिताया होता है वह सांसद भारत का राष्ट्रपति कौन होगा इसका निर्णय लेते हैं।

आजादी के बाद से भारत के राष्ट्रपति पद पर विभिन्न लोग विराजमान हुए हैं औऱ वर्तमान यानी आज भारत का राष्ट्रपति कौन है इसके बारे में भी कई लोगों को जानकारी नही होती इसीलिए आज हम आजादी से लेकर अभी तक हमारे भारत के राष्ट्रपति कितने औऱ कौन-कौन इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं।

भारत का राष्ट्रपति कौन हैं- रामनाथ कोविंद

वर्तमान में हमारे भारत देश के “राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद” है जिनका जन्म सन 1945 में 1 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के एक छोटे से गांव परोख में हुआ था यह एक अच्छे वकील और पॉलिटिशियन है।

रामनाथ कोविंद को साल 2017 में 25 जुलाई को भारत का राष्ट्रपति बनाया गया यह भारतीय जनता पार्टी के सदस्य रह चुके हैं इसके अलावा राष्ट्रपति बनने से पहले रामनाथ कोविंद बिहार राज्य के पूर्व गवर्नर भी रह चुके हैं तथा 8 अक्टूबर साल 2015 में बिहार का राज्यपाल बनाया गया था।

रामनाथ कोविंद हमारे भारत देश के 14वें प्रधानमंत्री हैं और भारतीय जनता पार्टी के दलित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं। रामनाथ कोविंद जी ने बीए और एलएलबी की डिग्री हासिल की है इसके अलावा यह आईएएस की परीक्षा में सफल भी हो चुके हैं परंतु इन्होंने आईएएस का पद ग्रहण नहीं किया

प्रणव मुखर्जी (2012-2017)

प्रणव मुखर्जी भारत के 13वे राष्ट्रपति थे इनका जन्म 11 दिसंबर साल 1935 में भारत के पश्चिम बंगाल राज्य में हुआ था और हाल ही में इनकी मृत्यु 3 अगस्त 2020 को हुई जोकि कांग्रेस पार्टी से संबंध रखते थे।

प्रणव मुखर्जी ने राजनीति शास्त्र और इतिहास में ग्रेजुएशन किया था इसके अलावा उन्होंने कानून की पढ़ाई भी की थी तथा राजीव गांधी से कुछ मतभेदों के कारण अपनी एक अलग पार्टी का गठन भी किया था जिसका नाम था “राष्ट्रीय समाजवादी कांग्रेस” था।

पीवी नरसिम्हा राव ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रणब मुखर्जी को योजना आयोग का अध्यक्ष बनाया था औऱ साल 1999 से लेकर साल 2012 तक प्रणब मुखर्जी केंद्रीय चुनाव आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं इसके अलावा साल 1997 में प्रणब मुखर्जी को भारतीय संसद के द्वारा सबसे अच्छे सांसद का अवार्ड दिया गया।

साल 2008 में प्रणब मुखर्जी को हमारे देश के दूसरे सबसे बड़े सम्मान “पद्मश्री” से सम्मानित किया गया तथा 2013 में बांग्लादेश के दूसरे सबसे बड़े अवॉर्ड “बांग्लादेश लिबरेशन फोर्स ऑनर” से सम्मानित किया गया।

प्रतिभा सिंह पाटिल (2007-2012)

प्रतिभा पाटिल हमारे भारत देश की 12वीं प्रधानमंत्री थी इनका जन्म 19 दिसंबर साल 1934 में महाराष्ट्र के नंद गांव में हुआ था इन्होंने कानून की पढ़ाई की है इसके साथ ही इन्होंने राजनीति शास्त्र और अर्थशास्त्र में मास्टर की डिग्री भी प्राप्त की थीं।

प्रतिभा पाटिल 1962 से लेकर 1985 तक लगातार पांच बार महाराष्ट्र की विधानसभा अध्यक्ष रह चुकी है और प्रतिभा पाटिल की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि यह सुखोई विमान उड़ाने वाली भारत की पहली महिला राष्ट्रपति थी।

इसके अलावा साल 1988 से लेकर सन 1990 तक यह महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष भी रह चुकी है साथ ही साल 1985 में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की मेंबर भी रह चुकी है और साल 1988 में प्रतिभा पाटिल राष्ट्रमंडल प्रेसिडेंसी अधिकारी सम्मेलन में मेंमबर रह चुकी है।

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम (2002-2007)

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम हमारे भारत देश के 11वें राष्ट्रपति थे।इनका जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था व इनकी मौत 27 जुलाई साल 2015 में हुई थी।

अब्दुल कलाम को भारत के मिसाइल मैन के नाम से भी जाना जाता है यह पहले ऐसे वैज्ञानिक थे जिन्होंने भारत का राष्ट्रपति का पद संभाला साथ ही अब्दुल कलाम के नेतृत्व में ही भारत ने रोहिणी-1 उपग्रह, अग्नि मिसाइल और पृथ्वी जैसी मिसाइलों का सफल परीक्षण किया।

इसके अलावा साल 1974 और 1998 में भारत के द्वारा किए गए परमाणु परीक्षण में भी डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम का योगदान था और 1997 में डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को हमारे भारत देश के सबसे बड़े पुरस्कार “भारत रत्न” से सम्मानित किया गया इसे पहले 1981 में अब्दुल कलाम जी को भारत सरकार के द्वारा पद्मभूषण और साल 1990 में पद्म विभूषण का पुरस्कार दिया गया।

के आर नारायणन(1997-2002)

के आर नारायण भारत के दसवें राष्ट्रपति थे जिन्हें हमारे भारत का सर्वोत्तम पद प्राप्त किया था इनका जन्म 27 अक्टूबर सन 1920 में केरल के त्रावणकोर में हुआ था और यह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी से थे।

के आर नारायण लोकसभा चुनाव में वोट करने वाले तथा राज्य की विधान सभा को संबोधित करने वाले पहले भारत के राष्ट्रपति थे साथ ही यह 1992 में भारत के उपराष्ट्रपति भी रह चुके हैं इन्होंने 10 अप्रैल 1945 को महात्मा गांधी का इंटरव्यू भी लिया था व साल 2005 में 9 नवंबर को इनका दिल्ली में निधन हो गया था।

डॉ शंकर दयाल शर्मा(1992-1997)

डॉ शंकर दयाल शर्मा हमारे भारत देश के 9वे राष्ट्रपति थे इनका जन्म 19 अगस्त साल 1918 में मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में हुआ था डॉ शंकर दयाल शर्मा काफी पढ़े लिखे व्यक्ति थे इसके अलावा यह एक महान पत्रकार भी थे।

इन्होंने पत्रकारिता के तहत सहित्य, इतिहास जैसे कई विषयों पर विभिन्न लेख लिखे थे इसके अलावा यह भारत की स्वतंत्रता लड़ाई में भी सक्रिय थे 1940 में भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

डॉ शंकर दयाल शर्मा को शंकराचार्य ने “राष्ट्र रत्नम” की उपाधि प्रदान की थी इसके अलावा इंटरनेशनल बार एसोसिएशन ने डॉ शंकर दयाल शर्मा को “द लिविंग लीजेंड ऑफ कानून” के अवार्ड से सम्मानित किया था इनकी मौत 26 दिसंबर साल 1999 में दिल का दौरा पड़ने से हो गई थी।

आर वेंकटरमण(1987-1992)

आर वेंकटरमण हमारे भारत के आठवें प्रधानमंत्री थे साथ ही 1984 से लेकर सन 1987 तक भारत के उपराष्ट्रपति भी रह चुके हैं इनका जन्म 4 दिसंबर साल 1910 में तमिलनाडु के तंजौर में हुआ था।

उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि जब यह राष्ट्रपति थे तब उन्होंने सबसे अधिक प्रधानमंत्रियों को उनके पद की शपथ दिलाई थी इसके अलावा यह एक अच्छे वकील भी थे साथ ही यह स्वतंत्रता संग्रामी और एक अच्छे पॉलिटिशन भी थे इनकी मौत साल 2009 में 27 जनवरी को दिल्ली में हुई।

ज्ञानी जैल सिंह (1982-1987)

ज्ञानी जैल सिंह हमारे भारत देश के सातवें राष्ट्रपति थे व 25 जुलाई 1982 में भारत का राष्ट्रपति बनाया गया हम आपको बता दे कि ज्ञानी जैल सिंह भारत के राष्ट्रपति बनने से पहले पंजाब के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री का पद भी संभाल चुके थे।

इनका जन्म 5 मई 1916 को पंजाब के फरीदकोट में हुआ था और इनके कार्यकाल में भारत देश में विभिन्न घटना घटित हुई थी जिसमें मुख्य तौर पर ऑपरेशन ब्लू स्टार, इंदिरा गांधी जी की हत्या और 1984 का सिख दंगा शामिल है इनकी मौत 25 दिसंबर साल 1994 में दिल्ली में हुई।

नीलम संजीव रेड्डी (1977-1982)

नीलम संजीव रेड्डी हमारे देश के छठे राष्ट्रपति थे इनका जन्म साल 1913 में 19 मई को आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में हुआ था यह भारत के पहले ऐसे राष्ट्रपति थे जिन्हें पहली बार में राष्ट्रपति पद प्राप्त नहीं था और जब इन्हें दूसरी बार राष्ट्रपति के पद का उम्मीदवार बनाया गया तब यह राष्ट्रपति बनें।

नीलम संजीव रेड्डी साल 1956 में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे इसके पहले यह आंध्र प्रदेश सरकार में नशाबंदी और शहद पालन मंत्री भी रह चुके थे। यह 1964 से लेकर 1977 तक राज्यसभा सदस्य भी रह चुके हैं इसके अलावा यह भारत के स्टील मंत्री भी रह चुके हैं व साल 1966 में उनके पैतृक घर पर इनकी मृत्यु हो गई।

फखरुद्दीन अली अहमद (1974-1977)

यह हमारे भारत देश के पांचवें राष्ट्रपति थे औऱ फखरुद्दीन अली अहमद का जन्म 1905 में 13 मई को दिल्ली के हौज काजी एरिया में हुआ था तथा 1927 में इन्होंने कानून की पढ़ाई करके बैरिस्टर की उपाधि प्राप्त की।

इसके अलावा फखरुद्दीन अली साल 1966 में इंदिरा गांधी की कैबिनेट में शामिल हुए जहां उन्हें शिक्षा, सिंचाई, औद्योगिक विकास, कृषि और ऊर्जा मंत्रालय का पद दिया गया फखरुद्दीन अली 25 अगस्त साल 1974 में भारत के राष्ट्रपति बने थे औऱ 11 फरवरी 1977 को फखरूद्दीन का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।

वी वी गिरि (1969-1974)

यह भारत के चौथे राष्ट्रपति थे जिनकों 1975 में भारत के सबसे बड़े पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया था इन्होंने वकालत की पढ़ाई की थी तथा यह स्थानीय बार काउंसिल के नेता भी थे।

साल 1952 में वी वी गिरि ने पाठापटनम सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा यह सांसद बने इसके अलावा वीवी गिरी केरल, मैसूर और उत्तर प्रदेश के राज्यपाल भी रह चुके हैं 1980 में 23 जून के दिन हार्ड अटैक आने से इनकी 85 साल में मृत्यु हो गई।

डॉ जाकिर हुसैन(1967-1969)

डॉ जाकिर हुसैन आजाद भारत के तीसरे राष्ट्रपति थे औऱ आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डॉक्टर जाकिर हुसैन भारत के पहले मुस्लिम राष्ट्रपति थे और इनकी मृत्यु इनके राष्ट्रपति के पद पर रहते हुए ही हुई थी।

दिल्ली में स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया कॉलेज की स्थापना डॉक्टर जाकिर हुसैन ने ही की थी इनका जन्म 8 फरवरी
1897 में आंध्र प्रदेश के हैदराबाद में हुआ था औऱ यह 1967 में 13 मई को भारत का राष्ट्रपति बने थे।

डॉ जाकिर हुसैन शिक्षा के बहुत बड़े हिमायती थे तथा यह कला और साहित्य के प्रेमी भी थे 1954 में डॉ जाकिर हुसैन को पद्मा विभूषण और 1964 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया
इनकी मृत्यु 3 मई 1969 को हुई थी।

डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन (1962-1967)

डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर साल 1888 में तमिलनाडु के एक छोटे से गांव में हुआ था तथा प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा के अलावा साल 1906 में इन्होंने दर्शनशास्त्र से एमए की पढ़ाई की थी।

13 मई साल 1962 में यह भारत के राष्ट्रपति बने थे तथा डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक अच्छे शिक्षक भी थे और इसीलिए हर साल 5 सितंबर को भारत में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन 1947 से लेकर 1949 तक भारत के संविधान निर्माण सभा के सदस्य के रूप में भी काम कर चुके हैं। साल 1954 में डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन को भारत के सबसे बड़े पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया था इसके अलावा इंग्लैंड सरकार ने इन्हें आर्डर ऑफ मेरिट का पुरस्कार भी दिया था औऱ इनकी मृत्यु 17 अप्रैल 1975 को हुई थी।

डॉ राजेंद्र प्रसाद(1950-1952)

डॉ राजेंद्र प्रसाद हमारे आजाद भारत के पहले राष्ट्रपति थे इसके अलावा यह भारतीय संविधान सभा के अध्यक्ष भी थे और यह भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के प्रमुख नेता भी थे डॉ राजेंद्र प्रसाद का जन्म 3 दिसंबर 1884 में भारत के बिहार राज्य में हुआ था।

यह 26 जनवरी 1950 को भारत के पहले राष्ट्रपति बने थे औऱ साल 1962 में डॉ राजेंद्र प्रसाद को भारत रत्न का सम्मान दिया गया था साल 1934 में यह मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष बने और साल 1942 में उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया था।

भारत के संविधान निर्माण में भीमराव अंबेडकर के अलावा डॉ राजेंद्र प्रसाद ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। साल 1963 में 28 फरवरी के दिन डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद का निधन हो गया था।

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तो दोस्तों आज हमनें आपकों भारत का राष्ट्रपति कौन हैं औऱ अब तक भारत मे कितने औऱ कौन-कौन राष्ट्रपति रहें है उन सबकी जानकारी प्रदान की गई हैं जोकि सामान्य ज्ञान रखने वाले लोगों के लिए बेहद मदतगार हैं।

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