Full Form : POK क्या है और इतिहास की पूरी जानकारी

भारत और पाकिस्तान के बटवारें के बाद जम्मू-कश्मीर दोनों देशों के लिए सबसे विवादित विषय बना हुआ हैं और आज के समय मे कश्मीर दो हिस्सों में बट गया है। आज कश्मीर का जो हिस्सा भारत से लगा हुआ है वह जम्मू और कश्मीर के नाम से जाना जाता हैं और जो कश्मीर का हिस्सा पाकिस्तान से लगा हुआ है उसे POK के नाम से जाना जाता है।

जम्मू और कश्मीर घरती पर बेहद खूबसूरत जगहों में से एक है इसलिए इसे धरती का स्वर्ग एवं ज़न्नत भी कहा जाता हैं परंतु यह दो देशों के विवाद का विषय होने के कारण उतनी लोकप्रियता हासिल नहीं कर पाया है।

full form pok hindi

जम्मू और कश्मीर के अंतिम महाराजा हरि सिंह थे और वह जम्मू-कश्मीर को एक अलग देश बनाना चाहते थे लेकिन फ़िर बाद में उन्होंने जम्मू और कश्मीर का भारत मे विलय कर दिया था।

इसलिए जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन गया परंतु आज जो कश्मीर का हिस्सा पाकिस्तान से लगा हुआ है उसे POK के नाम से क्यों जाना जाता है और यह कैसे हुआ।

इसलिए आज हम आपको POK Full Form क्या है और साथ ही POK का इतिहास के बारे में जानकारी देने वाले हैं इसलिए अगर आप इसके बारे में विस्तार से जानना चाहते है तो इस आर्टिकल को पूरा पढें।

POK: जम्मू और कश्मीर का इतिहास जानें

जब भी हम जम्मू और कश्मीर की बात करते हैं तो सबसे पहले महाराजा हरि सिंह का नाम आता है क्योंकि वह उस समय और आख़री जम्मू-कश्मीर के महाराजा थे औऱ वहाँ पर उनका राज चलता था।

महाराजा हरि सिंह को जम्मू-कश्मीर की राजगद्दी विरासत में मिली थीं और इन्होंने चार शादियां की थीं इनकी पहली पत्नी का नाम धरम्पुर रानी श्री लाल कुन्वेर्बा साहिबा थी और दूसरी पत्नी चम्बा रानी साहिबा थी और तीसरी पत्नी धन्वन्त कुवेरी बैजी साहिबा थी और चौथी एवं अंतिम पत्नी महारानी तारा देवी साहिबा थी जिनसे एक पुत्र था जिसका नाम युवराज कर्ण सिंह था।

1947 में भारत की आज़ादी के बाद भारत और पाकिस्तान अलग-अलग देश बने और उस समय भारत में रियासतें हुई करती थीं। भारत और पाकिस्तान के बटवारें के समय अंग्रेजों ने वहाँ की रियासतों को अपनी इच्छानुसार भारत और पाकिस्तान में शामिल होने का विकल्प दे दिया था।

जिसके परिणामस्वरूप जिन रियासतों में मुसलमानों की संख्या ज्यादा थी और उसका राजा भी मुसलमान था वह पाकिस्तान में शामिल हो गयी और जहाँ पर हिंदुओं की संख्या ज्यादा थी और वहाँ का राजा हिन्दू था वह भारत मे शामिल हो गयी और जो रियासत अपने-आप को स्वतंत्र रखना चाहती थी रख सकती थी।

जम्मू एंड कश्मीर का भारत मे विलय

महाराजा हरि सिंह जम्मू-कश्मीर को भारत और पाकिस्तान दोंनो से अलग रखना चाहते थे और इस राज्यों को एक अलग देश बनाना चाहते थे लेक़िन जम्मू और कश्मीर में हालत गंभीर होने की स्थिति में महाराजा हरि सिंह जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय करने पर हस्ताक्षर किये।

दरसल, पाकिस्तान ने जम्मू और कश्मीर पर कब्ज़ा करने के लिए पाकिस्तान सेना ने कबायलियों के साथ मिलकर हमला कर दिया जिसके बाद महाराजा हरि सिंह ने जम्मू और कश्मीर में सैन्य मद्त मांगी और जम्मू और कश्मीर का भारत मे विलय कर दिया गया।

जिसके बाद भारतीय सेना एयर विमानों के द्वारा जम्मू और कश्मीर में पहुंच चुकी थी औऱ अगले कुछ ही दिनों में पाकिस्तान सेना और कबायलियों को खदेड़ दिया गया। अभी भारतीय सेना पूरे कश्मीर से पाकिस्तान सेना और कबायलियों को खदेड़ ही रही थी।

तो उस समय भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू इस मुद्दे को लेकर सयुक्त राष्ट्र में पहुच गए और जनमत संग्रह करने की बात कह दी। यह जवाहर लाल नेहरू की सबसे बड़ी गलती मानी जाती हैं क्योंकि भारत पूरे कश्मीर से पाकिस्तान सेना और कबायलियों को खदेड़ने वाला था।

जिसके परिणामस्वरूप 5 जनवरी 1949 को सीजफायर का ऐलान कर दिया गया जिसके अनुसार जो सेना उस समय जिस हिस्से में थीं उसे ही युद्ध की विराम रेखा माना गया जिसे एलओसी (LOC) कहते है इस तरह कश्मीर का कुछ हिस्सा पाकिस्तान में चला गया जिसे आज POK के नाम से जाना जाता है।

हालाँकि 26 अक्टूबर 1947 में ही महाराजा हरि सिंह द्वारा जम्मू-कश्मीर का भारत मे विलय कर दिया गया था और यह प्रस्ताव बाक़ी रियासतों के भारत मे विलय करने जैसा ही था जिसमें किसी प्रकार की कोई शर्त नहीं रखी गयी थीं ज़िसके परिणामस्वरूप पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन चुका था जिसमें पाकिस्तान द्वारा कब्जे वाला इलाका POK भी शामिल था।

यह भी पढ़े

> Full Form: ISRO(इसरो) क्या है पूरी जानकारी

> Big Boss क्या है और बिग बॉस में कैसे जाये पूरी जानकारी

जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 और 35A का जन्म और हटाना

इसके बाद भारत का सविधान लिखना शरू हुआ था इसी दौरान 17 अक्टूबर 1947 में गोपाल स्वामी अयंगार ने संसद में कहा कि आधे जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान का कब्ज़ा है और आधे लोग उधर और आधे लोग इधर फंसे हुए है इसलिए इस राज्य की स्थिति अन्य राज्यों से अलग है।

जिसके कारण जम्मू-कश्मीर पर पूरा सविधान लागू नही किया जा सकता इसलिए जम्मू-कश्मीर को नया आर्टिकल देना चाहिए इस घटना ने जम्मू-कश्मीर के इतिहास को नया मोड़ दे दिया जिसके कारण जम्मू-कश्मीर को एक विषय राज्य का दर्जा दिया गया।

जिसके लिए जम्मू-कश्मीर में अस्थायी तौर पर आर्टिकल 370 को लागू किया गया जिसके अंतर्गत संसद को जम्मू-कश्मीर पर रक्षा, विदेश मामलों औऱ संचार पर ही कानून बनाने का अधिकार था और अगर किसी अन्य विषय पर कानून बनाना है तो उसके लिए राज्य सरकार की मंजूरी होनी चाहिए।

इसके बाद 1952 में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और शेख़ अब्दुल्ला के बीच एक एग्रिमेंट हुआ जिसे “दिल्ली एग्रिमेंट” कहा जाता है जिसके तरह अनुच्छेद 35A को जोड़ा गया।

लेक़िन हाल ही में भारतीय सरकार द्वारा आर्टिकल 370 और 35A को हटा दिया गया हैं जबकि यह एक टेंपरेरी प्रोविजन फॉर द स्टेट ऑफ द जम्मू एंड कश्मीर था यानी कि एक ऐसा क़ानून जो अस्थायी तौर पर लागू किया गया था फ़िर भी कई वर्षों तक इस कानून को जम्मू एंड कश्मीर पर थोपा गया तो अब आप जान चुके है कि जम्मू एंड कश्मीर का इतिहास क्या है और POK कैसे आया तो चलिए अब POK Full Form क्या है जानते है।

POK फुल फॉर्म क्या है

POK Full Form Pakistan Occupied Kashmir और POK को हिंदी में “पाक अधिकृत कश्मीर” कहा जाता हैं। POK की सीमाएं पाकिस्तानी पंजाब एवं उत्तर पश्चिमी सीमांत प्रांत से पश्चिम में, उत्तर पश्चिम में अफ़गानिस्तान के वाखान गलियारे से, चीन के ज़िन्जियांग उयघूर स्वायत्त क्षेत्र से उत्तर और भारतीय कश्मीर से पूर्व में लगती हैं।pok map

PoK को दो हिस्सों में बांटा गया है जिसे आज़ाद कश्मीर और गिलगिट बल्तिस्तान कहा जाता हैं और पाकिस्तान के POK में ही अक्साई चीन भी शामिल है।

POK के आज़ाद कश्मीर में लगभग 45 लाख लोग रहते है और आज़ाद कश्मीर का क्षेत्रफल 13,300 वर्ग किलोमीटर हैं और इसकी राजधानी मुजफ्फराबाद है जिसमें 8 ज़िले और 19 तहसील हैं।

तो दोस्तों अब आप POK क्या है और POK कैसे बना और साथ ही POK Full Form क्या है यह जान चुके है हमें उमीद है कि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा।

अगर आपको हमारा आर्टिकल पसंद आता है तो इसे अपने उन्ह दोस्तों के साथ जरूर Share करे जिन्हें इसके बारे में पूरी जानकारी नही है औऱ यह इसे अंजान हैं और साथ ही सोसल मीडिया पर भी शेयर करें।

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.