February Ekadashi: 2024 में फरवरी की एकादशी कब है जानिए डेट और मुहूर्त

फरवरी की एकादशी हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह में दो बार आने वाली एकादशी तिथियों में से एक होती है तो चलिए जानते है की 2024 में February Ekadashi कब है और तिथि, मुहूर्त और महत्व के बारे में

February Ekadashi kab hai

“February Ekadashi” वह शब्द है जिसे आस्था के साथ तलाशने के लिए लोग गूगल पर बेसब्री से खोजते हैं फरवरी एकादशी की तारीख का निर्धारण पंचांग के अनुसार होता है जो हर वर्ष अलग-अलग हो सकती है इसलिए हर साल लोग इस दिन की सटीक तारीख जानने के लिए उत्सुक रहते हैं।

फरवरी की एकादशी हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह में दो बार आने वाली एकादशी तिथियों में से एक होती है तो चलिए जानते है की 2024 में February Ekadashi कब है और तिथि, मुहूर्त और महत्व के बारे में

2024 में February Ekadashi कब है

भारत में बहुत सारे लोग एकादशी का व्रत रखते हैं इसलिए उनके लिए पंचांग के अनुसार 2024 में February Ekadashi तिथि के बारे में जानना जरूरी होता है तो चलिए जानते है की फरवरी की एकादशी कब है!

फरवरी 2024 में विक्रम सम्वत 2080 के अनुसार इस फरवरी महीने में एकादशी के पवित्र व्रत दो बार मनाए जाएंगे – षटतिला एकादशी और जया एकादशी।

पहला एकादशी जिसे ‘षटतिला एकादशी’ कहा जाता है 6 फरवरी मंगलवार को मनाई जायगी इसका प्रारम्भ 5 फरवरी को शाम 05:24 बजे से होगा और समाप्ति 6 फरवरी को शाम 04:07 बजे होगी इस दिन भक्त उपवास करते हैं और विशेष रूप से तिल (सेसमी) का उपयोग करते हैं। तिल का उपयोग पूजा में, दान में, स्नान में, आहार में, दीपदान में और जलाने में किया जाता है।

एकादशीषटतिला एकादशी
तिथि6 फरवरी 2024
दिनमंगलवार
पक्षकृष्ण एकादशी
मासमाघ
आरंभ05:24 PM
समाप्ति04:07 PM

दूसरी एकादशी ‘जया एकादशी’ का आयोजन 20 फरवरी मंगलवार को होगा इसकी शुरुआत 19 फरवरी को सुबह 08:49 बजे से होगी और यह 20 फरवरी को सुबह 09:55 बजे समाप्त होगी यह एकादशी माघ मास के शुक्ल पक्ष में मनाई जाती है और इसे शुक्ल एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। ‘जया एकादशी’ का महत्व इसके नाम में ही छिपा है जिसका अर्थ है ‘विजय’ इस दिन किया गया व्रत और पूजा-पाठ जीवन में विजय की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

एकादशीजया एकादशी
तिथि19 फरवरी 2024
दिनमंगलवार
पक्षशुक्ल एकादशी
मासमाघ
आरंभ08:49 AM
समाप्ति09:55 AM

षटतिला एकादशी शुभ मूर्हत कब है 2024 में


आज षटतिला एकादशी के पावन अवसर पर दिन की शुरुआत सुबह 7:07 बजे सूर्योदय के साथ हुई और सूर्यास्त शाम 6:04 बजे होगा। चंद्रोदय कल सुबह 4:53 बजे होगा और चंद्रास्त दोपहर 2:00 बजे होगा।

आज का पंचांग बताता है कि एकादशी तिथि दोपहर 4:07 बजे तक रहेगी जिसके बाद द्वादशी तिथि शुरू होगी। नक्षत्र के रूप में ज्येष्ठा नक्षत्र सुबह 7:35 बजे तक और उसके बाद मूल नक्षत्र अगले दिन सुबह 6:27 बजे तक रहेगा। योग के अनुसार व्याघात योग सुबह 8:50 बजे तक और उसके बाद हर्षण योग अगले दिन सुबह 6:09 बजे तक रहेगा।

करण के रूप में बालव करण दोपहर 4:07 बजे तक और उसके बाद कौलव करण अगले दिन सुबह 3:10 बजे तक रहेगा। आज का दिन मंगलवार है जिसे ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह के प्रभाव वाला दिन माना जाता है।

शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:22 से 6:14 तक है, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:13 से 12:57 तक है और विजय मुहूर्त दोपहर 2:25 से 3:09 तक है। गोधूलि मुहूर्त शाम 6:01 से 6:28 तक है। निशिता मुहूर्त रात 12:09 से अगले दिन 1:01 तक है जो धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उत्तम माना जाता है।

इसके अलावा, राहुकाल दोपहर 3:20 से 4:42 तक है, यमगंड दोपहर 9:51 से 11:13 तक है और गुलिक काल दोपहर 12:35 से 1:57 तक है इन समयों में नए कार्यों को शुरू करने से बचा जाता है।

जया एकादशी शुभ मूर्हत कब है 2024 में


आज जया एकादशी के शुभ अवसर पर दिन की शुरुआत सुबह 6:57 बजे सूर्योदय के साथ हुई और सूर्यास्त शाम 6:14 बजे होगा। चंद्रोदय दोपहर 1:28 बजे होगा और चंद्रास्त अगले दिन सुबह 4:17 बजे होगा।

आज का पंचांग बताता है कि दशमी तिथि सुबह 8:49 बजे तक रहेगी जिसके बाद एकादशी तिथि शुरू होगी। नक्षत्र के रूप में मृगशिरा नक्षत्र सुबह 10:33 बजे तक और उसके बाद आर्द्रा नक्षत्र शुरू होगा। योग के अनुसार विष्कंभ योग दोपहर 12:01 बजे तक और उसके बाद प्रीति योग शुरू होगा।

करण के रूप में गरजा करण सुबह 8:49 बजे तक और उसके बाद वणिज करण रात 9:19 बजे तक रहेगा। आज का दिन सोमवार है जिसे ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रह के प्रभाव वाला दिन माना जाता है।

शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:15 से 6:06 तक है, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:13 से 12:58 तक है और विजय मुहूर्त दोपहर 2:28 से 3:13 तक है। गोधूलि मुहूर्त शाम 6:11 से 6:37 तक है। निशिता मुहूर्त रात 12:09 से अगले दिन 1:00 तक है जो धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उत्तम माना जाता है।

इसके अलावा राहुकाल सुबह 8:21 से 9:46 तक है, यमगंड दोपहर 11:11 से 12:35 तक है और गुलिक काल दोपहर 2:00 से 3:24 तक है इन समयों में नए कार्यों को शुरू करने से बचा जाता है।

2024 में February Ekadashi कब है?

– फरवरी 2024 में विक्रम सम्वत 2080 के अनुसार इस फरवरी महीने में एकादशी के पवित्र व्रत दो बार मनाए जाएंगे – षटतिला एकादशी और जया एकादशी।

षटतिला एकादशी कब है?

– हिन्दू पंचांग के अनुसार पहला एकादशी जिसे ‘षटतिला एकादशी’ कहा जाता है 6 फरवरी मंगलवार को मनाई जायगी

जया एकादशी एकादशी कब है?

– हिन्दू पंचांग के अनुसार दूसरी एकादशी ‘जया एकादशी’ का आयोजन 20 फरवरी मंगलवार को होगा

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