Durga Chalisa- दुर्गा चालीसा पाठ सम्पूर्ण

Durga Chalisa का पाठ नवरात्रों या फिर किसी शुभ अवसर पर किया जाता है तथा दुर्गा चालीसा एक ऐसा माध्यम है जिससे मां दुर्गा को प्रसन्न करके उनकी कृपया प्राप्त की जाती है जिससे जीवन में समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है और आपका जीवन मंगलमय हो जाता है।

माँ दुर्गा को कई नामों से जाना जाता है जैसे आदिशक्ति, भवानी, जगदम्बा आदि औऱ दुर्गा सप्तशती के अनुसार इनके 108 नाम माने जाते हैं माँ दुर्गा माता पार्वती जोकि भगवान शिव की पत्नी है उसका एक रूप है जिसका जन्म देवताओं ने राक्षसों का नाश करने के लिए किया था।

Durga Chalisa Lyrics Hindi

दरअसल, राक्षस महिषासुर ने देवताओं पर आक्रमण करके देवलोक पर कब्जा कर लिया था जिसके संघार के लिए माँ दुर्गा की उत्पत्ति हुई थी इसलिए माँ दुर्गा को महिषासुर मर्दिनी भी कहा जाता है चूँकि माँ दुर्गा को ब्रह्मा, विष्णु व शिव तीनों देवताओं से शक्ति प्राप्त है इसलिए यह सबसे शक्तिशाली भगवान भी मानी जाती है तथा दुर्गा को शक्ति भी कहा जाता है।

माँ दुर्गा ने महिषासुर का वध करने के लिए 9 दिन का समय लगा और मान्यताओं के अनुसार माँ दुर्गा ने इन 9 दिनों में अलग-अलग रूप धारण करें और दसवे दिन महिषासुर का वध कर दिया जिसके बाद इन 9 दिनों को नवरात्रि के रूप में मनाया जाता है तथा 9 दिनों तक चलने वाले नवरात्रों में माँ दुर्गा के अलग-अलग 9 रूपों की पूजा की जाती है।

Durga Chalisa पढ़ने से हमारे जीवन में अनेकों लाभ होते हैं हालांकि आज अधिकतर लोग ऑडियो और वीडियो के माध्यम से दुर्गा चालीसा सुनते हैं परंतु Durga Chalisa का जाप-पाठ करने से ही हमें लाभ प्राप्त होता है।

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Durga Chalisa- दुर्गा चालीसा हिंदी में

नमो नमो दुर्गे सुख करनी।
नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥

निरंकार है ज्योति तुम्हारी।
तिहूं लोक फैली उजियारी॥

शशि ललाट मुख महाविशाला।
नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥

रूप मातु को अधिक सुहावे।
दरश करत जन अति सुख पावे॥

तुम संसार शक्ति लै कीना।
पालन हेतु अन्न धन दीना॥

अन्नपूर्णा हुई जग पाला।
तुम ही आदि सुन्दरी बाला॥

प्रलयकाल सब नाशन हारी।
तुम गौरी शिवशंकर प्यारी॥

शिव योगी तुम्हरे गुण गावें।
ब्रह्मा विष्णु तुम्हें नित ध्यावें॥

रूप सरस्वती को तुम धारा।
दे सुबुद्धि ऋषि मुनिन उबारा॥

धरयो रूप नरसिंह को अम्बा।
परगट भई फाड़कर खम्बा॥

रक्षा करि प्रह्लाद बचायो।
हिरण्याक्ष को स्वर्ग पठायो॥

लक्ष्मी रूप धरो जग माहीं।
श्री नारायण अंग समाहीं॥

क्षीरसिन्धु में करत विलासा।
दयासिन्धु दीजै मन आसा॥

हिंगलाज में तुम्हीं भवानी।
महिमा अमित न जात बखानी॥

मातंगी अरु धूमावति माता।
भुवनेश्वरी बगला सुख दाता॥

श्री भैरव तारा जग तारिणी।
छिन्न भाल भव दुःख निवारिणी॥

केहरि वाहन सोह भवानी।
लांगुर वीर चलत अगवानी॥

कर में खप्पर खड्ग विराजै।
जाको देख काल डर भाजै॥

सोहै अस्त्र और त्रिशूला।
जाते उठत शत्रु हिय शूला॥

नगरकोट में तुम्हीं विराजत।
तिहुंलोक में डंका बाजत॥

शुंभ निशुंभ दानव तुम मारे।
रक्तबीज शंखन संहारे॥

महिषासुर नृप अति अभिमानी।
जेहि अघ भार मही अकुलानी॥

रूप कराल कालिका धारा।
सेन सहित तुम तिहि संहारा॥

परी गाढ़ संतन पर जब जब।
भई सहाय मातु तुम तब तब॥

अमरपुरी अरु बासव लोका।
तब महिमा सब रहें अशोका॥

ज्वाला में है ज्योति तुम्हारी।
तुम्हें सदा पूजें नर-नारी॥

प्रेम भक्ति से जो यश गावें।
दुःख दारिद्र निकट नहिं आवें॥

ध्यावे तुम्हें जो नर मन लाई।
जन्म-मरण ताकौ छुटि जाई॥

जोगी सुर मुनि कहत पुकारी।
योग न हो बिन शक्ति तुम्हारी॥

शंकर आचारज तप कीनो।
काम अरु क्रोध जीति सब लीनो॥

निशिदिन ध्यान धरो शंकर को।
काहु काल नहिं सुमिरो तुमको॥

शक्ति रूप का मरम न पायो।
शक्ति गई तब मन पछितायो॥

शरणागत हुई कीर्ति बखानी।
जय जय जय जगदम्ब भवानी॥

भई प्रसन्न आदि जगदम्बा।
दई शक्ति नहिं कीन विलम्बा॥

मोको मातु कष्ट अति घेरो।
तुम बिन कौन हरै दुःख मेरो॥

आशा तृष्णा निपट सतावें।
रिपू मुरख मौही डरपावे॥

शत्रु नाश कीजै महारानी।
सुमिरौं इकचित तुम्हें भवानी॥

करो कृपा हे मातु दयाला।
ऋद्धि-सिद्धि दै करहु निहाला।

जब लगि जिऊं दया फल पाऊं ।
तुम्हरो यश मैं सदा सुनाऊं ॥

दुर्गा चालीसा जो कोई गावै।
सब सुख भोग परमपद पावै॥

देवीदास शरण निज जानी।
करहु कृपा जगदम्ब भवानी॥

Durga Chalisa Lyrics Hindi infographic photo

Durga Chalisa In English

Namo namo Durge sukh karani,
Namo namo Ambe dukh harani.

Nirankar hai jyoti tumhari
Tihun lok pheli ujayari.

Shashi lalat mukh maha vishala,
Netra lal brikuti vikrala.

Roop matu ko adhika suhave,
Daras karat jan ati sukh pave.

Tum sansar shakti laya kina,
Palan hetu anna dhan dina.

Annapurna hui jag pala,
Tumhi adi sundari bala.

Pralaya kal sab nashan hari,
Tum Gauri Shiv Shankar pyari.

Shiv yogi tumhare gun gave,
Brahma Vishnu tumhe nit dhyaven.

Roop Saraswati ko tum dhara,
De subudhi rishi munin ubara

Dharyo roop Narsimha ko Amba,
Pragat bhayin phar kar kamba.

Raksha kari Prahalad bachayo,
Hiranakush ko swarg pathayo.

Lakshmii roop dharo jag mahi,
Shree Narayan ang samahi

Ksheree Sindhu karat vilasa,
Daya Sindhu deejay man aasa

Hingalaj mein tumhi Bhavani,
Mahima amit na jaat bakhani

Matangi Dhoomavati Mata,
Bhuvneshwari Bagala Sukhdata

Shree Bairav Tara jog tarani,
Chin-na Bhala bhav dukh nivarani.

Kehari Vahan soh Bhavani,
Langur veer chalat agavani

Kar men khappar khadag viraje,
Jako dekh kal dar bhaje.

Sohe astra aur trishoola,
Jase uthata shatru hiya shoola

Nagarkot mein tumhi virajat,
Tihun lok mein danka bajat

Shumbhu Nishumbhu Danuja tum mare,
Rakta-beeja shankhan samhare.

Mahishasur nripa ati abhimani,
Jehi agha bhar mahi akulani

Roop kaaral Kalika dhara,
Sen sahita tum tin samhara

Pari garha santan par jab jab,
Bhayi sahaya Matu tum tab tab

Amarpuri aru basava loka,
Tava mahima sab rahen asoka

Jwala mein hai jyoti tumhari,
Tumhen sada pujan nar nari

Prem bhakti se jo yash gaye,
Dukh-daridra nikat nahin ave

Dhyave tumhen jo nar man laee,
Janam-maran tako chuti jaee.

Jogi sur-muni kahat pukari,
Jog na ho bin shakti tumhari

Shankar Aacharaj tap keenhon,
Kam, krodh jeet sab leenhon

Nisidhin dhyan dharo Shanker ko,
Kahu kal nahin sumiron tum ko

Shakti roop ko maram na payo,
Shakti gayi tab man pachitayo

Sharnagat hui keerti bakhani,
Jai jai jai Jagdamb Bhavani

Bhayi prasanna Aadi Jagdamba,
Dayi shakti nahin keen vilamba

Mokun Matu kashta ati ghero,
Tum bin kaun hare dukh mero

Asha trishna nipat sataven,
Moh madadik sab binsaven

Shatru nash keeje Maharani,
Sumiron ekachita tumhen Bhavani

Karo kripa hey Matu dayala
Riddhi-Siddhi de karahu nihala

Jab lagi jiyoon daya phal paoon,
Tumro yash mein sada sunaoon,

Durga chalisa jo gaye,
Sab sukh bhog parampad pave

Devidas sharan nij jani,
Karahu kripa Jagdamb Bhavani

दुर्गा चालीसा कैसे पढ़े

माँ दुर्गा की कृपा पाने के लिए तथा उन्हें प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद अपने परिवार पर बनाए रखने के लिए दुर्गा चालीसा का पाठ सबसे सर्वश्रेष्ठ साधन माना जाता है जिससे मां दुर्गा को प्रसन्न किया जा सकता है तथा शास्त्रों के अनुसार भी Durga Chalisa के पाठ को सर्वोत्तम माना गया है।

अगर आप हर रोज़ Durga Chalisa का जाप नियमित रूप से करते है तो आप पर माता दुर्गा का खास आशीर्वाद रहता है मां दुर्गा का पाठ पढ़ने से पहले नहा-धोकर साफ-सुथरे कपड़े पहने तथा एक लकड़ी की चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर उस पर माता दुर्गा की प्रतिमा को रखें और फिर माता रानी की पूजा अर्चना करें और फिर Durga Chalisa का पाठ शुरू करें।

प्रतिदिन Durga Chalisa का पाठ पढ़ने से आपके जीवन में अनेकों फायदे होते हैं जिससे आपका जीवन मंगलमय हो जाता है और आपके जीवन में सुख व समृद्धि आती है तो चलिए Durga Chalisa के पाठ को नियमित रूप से पढ़ने के सभी महत्वपूर्ण फायदों के बारे में जानते हैं।

Durga Chalisa के फ़ायदे

1. प्रतिदिन दुर्गा चालीसा का पाठ पढ़ने से शारीरिक व मानसिक रूप से खुशी मिलती हैं तथा आपको मानसिक शांति प्राप्त होती है वह चिंता व तनाव से मुक्ति मिलती है।

2. मां दुर्गा चालीसा का पाठ सच्चे मन और श्रद्धा से करने वाले भक्तों को माता रानी खुश होकर धन, ज्ञान और समृद्धि प्रदान करती है।

3. नकारात्मक ऊर्जा और मन को शांत रखने के लिए मां दुर्गा चालीसा का विशेष महत्व है यह आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है

4. नियमित रूप से दुर्गा चालीसा का पाठ करने से आपके परिवार में सुख-समृद्धि तथा आर्थिक संकटों से बचाव में मदद मिलती है।

5. ऐसा कहा जाता है कि दुर्गा चालीसा का पाठ नियमित रूप से करने से व्यक्ति अपना सम्मान व खोई हुई धन-संपत्ति दोबारा से वापस प्राप्त कर सकता है।

6. रोजाना दुर्गा चालीसा का जाप-पाठ करने से आर्थिक रूप से लाभ की प्राप्ति होती है और जीवन में दुखों से लड़ने की शक्ति मिलती है।

7. दुर्गा चालीसा का पाठ करने से आपको अनेकों फायदे होते हैं तथा सच्ची श्रद्धा और भक्ति रखने वाले भक्तों की हर मनोकामना मां दुर्गा पूरी करती है तथा जीवन मंगलमय और खुशहाली से भर जाता है।

दुर्गा चालीसा से जुड़े सवाल-जवाब

दुर्गा चालीसा का पाठ कब करना चाहिए?

रोजाना नियमित तौर पर Durga Chalisa का पाठ करने से आपके जीवन में अनेकों लाभ प्राप्त होते हैं और नवरात्रि के समय दुर्गा चालीसा का पाठ करने का विशेष महत्व है और यह दुर्गा चालीसा मां दुर्गा को प्रसन्न करने का सबसे अच्छा उपाय माना जाता है इसलिए मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए आपको प्रतिदिन नियमित रूप से Durga Chalisa का पाठ करना चाहिए।

दुर्गा चालीसा पढ़ने से क्या फायदे होते हैं?

Durga Chalisa पढ़ने से आपको एक नहीं अनेक लाभ प्राप्त होते हैं आपके जीवन में सुख-समृद्धि आती है तथा आपके परिवार पर मां दुर्गा का आशीर्वाद रहता है जिससे आपको जीवन में आने वाले हर संकट दुख-दर्द व आर्थिक समस्या इत्यादि से दूर रहते हैं तथा सच्चे मन और श्रद्धा से दुर्गा चालीसा पढ़ने वाले भक्तों को माता रानी खुश होकर धन, ज्ञान और समृद्धि प्रदान करती है।

दुर्गा चालीसा कितनी बार पढ़नी चाहिए?

हर रोज दुर्गा चालीसा पढ़ने वालों पर मां दुर्गा का विशेष आशीर्वाद रहता है तथा नवरात्रों में मां दुर्गा के अलग-अलग 9 रूपों की पूजा की जाती है तथा मां Durga Chalisaका पाठ पढ़ना का भी विशेष महत्व है जिससे मां दुर्गा के आशीर्वाद की प्राप्ति होती है।

दुर्गा चालीसा सिद्ध कैसे करें?

अगर Durga Chalisa को पूरे विधि और विधान के साथ सही तरीके से पढ़ा जाता है तो इससे आपको मां दुर्गा का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है इसलिए दुर्गा चालीसा पढ़ने की सही विधि के बारे में ऊपर विस्तार से बताया गया है।

मां दुर्गा हिंदुओं में सबसे शक्तिशाली देवी मानी जाती है जिनकी आठ भुजाएं होती है और आठ भुजाएं किसी ना किसी शस्त्र से युक्त होती है मां दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षस का वध करके देवतागणों को महिषासुर के अत्याचारों से मुक्त कराया इसलिए मां दुर्गा के अनेकों नाम है तथा दुर्गा सप्तशती के अनुसार माता दुर्गा को 108 नाम दिए गए हैं जोकि इस प्रकार है:-

माता दुर्गा के 108 नाम लिस्ट

सती साध्वी भवप्रीता
आर्या भवमोचनी भवानी
दुर्गा जया आद्या
चित्रा शूलधारिणी त्रिनेत्र
पिनाकधारिणी चंद्रघण्टा महातपा
अहंकारा बुद्धि मन
चित्तरूपा चिता चिति
अनन्ता सत्ता सर्वमन्त्रमयी
सत्यानन्दस्वरूपिणी भाविनी क्रूरा
सदागति अभव्या भव्या
चिन्ता देवमाता शाम्भवी
दक्षकन्या सर्वविद्या रत्नप्रिया
पाटला अपर्णा दक्षयज्ञविनाशिनी
पाटलावती अमेय भाव्या
पट्टाम्बरपरीधाना विक्रमा वनदुर्गा
कलामंजीरारंजिनी सुन्दरी मातंगी
कौमारी सुरसुन्दरी ब्राह्मी
इंद्री माहेश्वरी मातंगमुनिपूजिता
वाराही चामुण्डा वैष्णवी
नित्या लक्ष्मी पुरुषाकृति
क्रिया ज्ञाना विमिलौत्त्कार्शिनी
बहुलप्रेमा बुद्धिदा बहुला
विष्णुमाया सर्ववाहनवाहना भद्रकाली
निशुम्भशुम्भहननी जलोदरी नारायणी
कालरात्रि अग्निज्वाला महिषासुरमर्दिनि
मधुकैटभहंत्री घोररूपा तपस्विनी
रौद्रमुखी महाबला ब्रह्मवादिनी
सर्वासुरविनाशा मुक्तकेशी बलप्रदा
महोदरी सत्या सर्वदानवघातिनी
सर्वशास्त्रमयी प्रौढा वृद्धमाता
अप्रौढा यति सर्वास्त्रधारिणी
युवती कैशोरी अनेकशस्त्रहस्ता
अनेकास्त्रधारिणी कुमारी एककन्या
शिवदूती करली अनन्ता
परमेश्वरी सावित्री प्रत्यक्षा
कात्यायनी चण्डमुण्ड विनाशिनि

तो दोस्तों हमने आपको आज Durga Chalisa हिंदी व इंग्लिश के साथ फोटो के रूप में प्रदान की है जिसको आप डाउनलोड करके हर दिन दुर्गा चालीसा पढ़ सकते हैं साथ ही उस डाउनलोड की गई फोटो को अपने मित्रों व अन्य फैमिली मेंबर के साथ शेयर कर कर उनके जीवन के मंगलमय होने की कामना कर सकते हैं।

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी पसंद आई होगी और आपको इससे मदद मिली होगी तो अगर आपको हमारी यह जानकारी मददगार लगती है तो इसे अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें ताकि माता दुर्गा की कृपया सब तक पहुंच सके।

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मेरा नाम HP Jinjholiya है और इस Blog पर हर रोज नयी पोस्ट अपडेट करता हूँ। उमीद करता हूँ आपको मेरे द्वार लिखी गयी पोस्ट पसंद आयेगी और अगर आप भी हमारे साथ काम करना चाहतें है हमें मेल करें 

3 COMMENTS

  1. Sir, आपका पोस्ट काफी अच्छा होता है, मैं रोज आपके ब्लॉग से कुछ नया नया जानकारी सीखता हु | धन्यवाद

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